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IPS अरुण देव गौतम बने छत्तीसगढ़ के पूर्णकालीन पुलिस महानिदेशक, अगले डीजीपी की दौड़ भी शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य के लिए पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के नाम की घोषणा कर दी है। गृह विभाग द्वारा 16 मई को जारी आदेश में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले प्रभारी डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

गौरतलब है कि पूर्व डीजीपी अशोक जुनेजा के 4 फरवरी 2025 को सेवानिवृत्त होने के बाद सरकार ने 5 फरवरी 2025 को अरुण देव गौतम को प्रभारी डीजीपी बनाया था। अब उन्हें पूर्णकालिक डीजीपी की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
हालांकि जारी आदेश में दो साल के निश्चित कार्यकाल का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार डीजीपी का न्यूनतम कार्यकाल दो वर्ष होना चाहिए। इस लिहाज से अरुण देव गौतम का कार्यकाल 4 फरवरी 2027 तक माना जा रहा है। इसके बाद सरकार चाहे तो उन्हें जुलाई 2027 में सेवानिवृत्ति तक पद पर बनाए रख सकती है।

डीजीपी नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी सख्त रुख अपना चुका है। ‘प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार’ मामले में कोर्ट ने निर्देश दिया था कि डीजीपी की नियुक्ति नियमित प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। वहीं 5 फरवरी 2026 को ‘टी. धंगोपल राव बनाम यूपीएससी’ मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने नियुक्ति में देरी पर जवाबदेही तय करने की बात कही थी।

अगले डीजीपी की दौड़ भी शुरू
अरुण देव गौतम के बाद राज्य के अगले डीजीपी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। यदि जीपी सिंह की वापसी नहीं होती है, तो एडीजी प्रदीप गुप्ता, विवेकानंद सिन्हा और अमित कुमार मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक यूपीएससी पैनल को तीन माह पूर्व तीन नाम राज्य सरकार द्वारा भेजा जाता है, ऐसे में इस वर्ष नवंबर में नए डीजीपी चयन के लिए यूपीएससी को पैनल भेजने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस सूची में हिमांशु गुप्ता और एसआरपी कल्लूरी के नाम भी शामिल होने की संभावना है। अंतिम फैसला यूपीएससी द्वारा अनुशंसित तीन नामों में से किसी एक पर होगा।

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