क्रिकेट फैन्स के लिए यह बड़ी खबर है। ICC ने 2027 में होने वाले पुरुष वनडे विश्व कप के फॉर्मेट में बड़े और दिलचस्प बदलाव किए हैं। इस बार ODI विश्व कप में 10 के बजाय 14 टीमें रहेंगी। ग्रुप चरण शुरू होने से पहले सबसे निचली रैंकिंग वाली तीन टीमों के बीच सुपर सीरीज होगी। पहली बार सुपर-7 राउंड होगा। आइए जानते हैं कि 2023 के मुकाबले इस बार प्रारूप कितना अलग होगा। इससे किसे फायदा, किसे नुकसान होगा?
नईदिल्ली (ए)। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने बुधवार को आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के फॉर्मेट को पूरी तरह बदल दिया है। 2027 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेले जाने वाले वनडे विश्व कप में 14 टीमें खेलने वाली हैं। इसके अलावा 2028 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में होने वाले टी20 विश्व कप में 20 टीमें खेलने वाली हैं। टीमें तो इतनी ही रहेंगी, लेकिन फॉर्मेट एकदम नया होगा।
आईसीसी ने टूर्नामेंट को ज्यादा रोमांचक बनाने के लिए कई बदलाव फॉर्मेट में किए हैं। मैचों की संख्या 54 से सिर्फ 57 हुई है। वनडे विश्व कप में पहले 14 टीमों को 7-7 टीमों के 2 ग्रुप में बांटा जाना था, लेकिन नए फॉर्मेट में पहले उन टीमों के बीच एक सुपर सीरीज होगी, जो टूर्नामेंट की रैंकिंग में 12, 13 और 14वें नंबर की टीम है। तीन टीमों के बीच राउंड रोबिन फॉर्मेट में मैच होंगे। हर टीम दूसरी टीम से एक-एक मैच खेलेगी। इस सुपर सीरीज में जो टीम ज्यादा पॉइंट्स हासिल करेगी, उसे राउंड 2 में जगह मिल जाएगी। इस तरह आगे टूर्नामेंट 12 टीमों के साथ आगे बढ़ेगा और दो टीमें टूर्नामेंट से शुरुआत में एलिमिनेट हो जाएंगी।
हालांकि, पुराने फॉर्मेट के हिसाब से हर टीम को कम से कम 6 मैच खेलने को मिलते, चाहे वह 12 वें नंबर टीम होती या 13 या 14वें नंबर की, लेकिन नए फॉर्मेट में 12, 13 और 14वें नंबर की टीमों से कोई एक टीम ही आगे जाएगी, जो टीम दो मैच जीतेगी, उसे राउंड 2 में जाने का मौका मिलेगा। अगर 1-1 मैच सभी टीमों ने जीता तो फिर नेट रन रेट जिसका अच्छा होगा, उसे आगे जाने का मौका मिलेगा। 3 मैच इस सुपर सीरीज में होंगे।
इसके बार 12 टीमें बचेंगी, जिन्हें 6-6 के दो ग्रुप में रखा जाएगा। अपने ग्रुप वाली हर टीम से उसका मुकाबला होगा। इस फेज में कुल 30 मैच होंगे। इस राउंड के बाद आगे 7 टीमें जाएंगी और 5 टीमें बाहर हो जाएंगी। हर ग्रुप की टॉप 3-3 टीमें सीधे राउंड 3 यानी सुपर 7 में जाएंगी। आप सोच रहे होंगे कि सातवीं टीम कहां से आएगी तो इसका जवाब आईसीसी ने दिया है, जो भी टीम दोनों ग्रुप को मिलाकर सातवीं सबसे अच्छी टीम होगी, उसे सुपर 7 में मौका मिलेगा।
सुपर 7 में भी राउंड रोबिन फॉर्मेट होगा। हर एक टीम हर दूसरी टीम से खेलगी। इसकी पॉइंट्स टेबल में जो टीमें टॉप 4 में होंगी। उन्हें सीधे सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा। पहले नंबर की टीम चौथे नंबर वाली टीम से पहले सेमीफाइनल में भिड़ेंगी और दूसरे नंबर की टीम तीसरे नंबर वाली टीम से दूसरे सेमीफाइनल में भिड़ेगी और फाइनल खेला जाएगा, लेकिन पहले फॉर्मेट के हिसाब से ऐसा था कि दो ग्रुप 7-7 टीमों को बनने थे और फिर ग्रुप के राउंड रोबिन फॉर्मेट के बाद टॉप 3-3 टीमें सुपर 6 में जानी थीं। वहां 3-3 टीमों के दो ग्रुप बनते और वहां जो भी टीमें अपने ग्रुप में शीर्ष 2 में होतीं उन्हें सेमीफाइनल में जाने का मौका मिलता। सेमीफाइनल से पहले पुराने फॉर्मेट के हिसाब से 8 मैच खेलने को मिलते, लेकिन नए फॉर्मेट में 11 मैच खेलने को मिलेंगे। सुपर सीरीज वाली टीम 13 मैच तक सेमीफाइनल से पहले खेल सकती है।
वहीं, अगर मेंस टी20 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट की करें तो पहले भी 20 टीमों के साथ ये टूर्नामेंट हुआ था, लेकिन पहले 4 ग्रुप 5-5 टीमों के बनाए गए थे। उसके बाद हर ग्रुप से 2-2 टीमें सुपर 8 में जाती थीं। उसके बाद फिर से दो ग्रुप बनते थे और उन ग्रुप के राउंड रोबिन फॉर्मेट के मैचों के बाद टॉप 2 टीमें सेमीफाइनल में जाती थीं, लेकिन नए फॉर्मेट में एलिमिनेटर्स जोड़ दिए गए हैं। हालांकि, मैचों की संख्या अभी भी 55 ही रहेगी।
नए फॉर्मेट में बदलाव यह है कि इस बार 5 ग्रुप बनेंगे, जिसमें 4-4 टीमें होंगी। हर ग्रुप से 2-2 टॉप टीमें सुपर 10 ग्रुप में क्वालीफाई करेंगी। सुपर 10 में दो ग्रुप 5-5 टीमों के बनेंगे, जिनमें राउंड रोबिन फॉर्मेट लागू होगा। इसके बाद है असली मजेदार बदलाव। वह यह है कि सुपर 10 के दोनों ग्रुप की टॉप-टॉप टीमों के सीधे सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा, जबकि जबकि दो अन्य टीमों को सेमीफाइनल का टिकट कटाने के लिए एलिमिनेटर खेलने होंगे।
क्या है टी20 विश्व कप में एलिमिनेटर वाला खेल?
दरअसल, सुपर 10 के दोनों ग्रुप में जो टीमें दूसरे और तीसरे स्थान पर होंगी। उन्हें एलिमिनेटर्स खेलने होंगे। पहले एलिमिनेटर मैच में सुपर 10 के ग्रुप ए की दूसरे नंबर की टीम ग्रुप बी की तीसरे नंबर वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि दूसरे एलिमिनेटर मैच में ग्रुप बी की दूसरे नंबर की टीम ग्रुप ए की तीसरे नंबर की टीम से भिड़ेगी। इन मैचों को जो टीम जीतेगी, उसे सेमीफाइनल्स का टिकट मिलेगा। सेमीफाइनल फिर इस तरह शेड्यूल होंगे कि ग्रुप ए की टॉप की टीम एलिमिनेटर 1 की विजेता से भिड़ेगी और ग्रुप बी की टॉप टीम दूसरे एलिमिनेटर की विजेता से भिड़ेगी। इसके बाद फाइनल होगा।






















