दुर्ग। जिले में जुआ, सट्टा एवं ऑनलाइन सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा इनके संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देशन में वर्ष 2026 के प्रारंभ से ही जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं विशेष टीमों को निरंतर अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में सूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण, साइबर इंटेलिजेंस, मुखबिर तंत्र, वित्तीय लेन-देन की निगरानी तथा योजनाबद्ध दबिश की रणनीति अपनाते हुए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
दुर्ग पुलिस द्वारा केवल मौके पर जुआ अथवा सट्टा खेलते पाए गए व्यक्तियों तक कार्रवाई सीमित न रखते हुए इनके संचालकों, नेटवर्क संचालित करने वाले व्यक्तियों, आर्थिक लाभ प्राप्त करने वालों तथा तकनीकी सहयोगियों तक पहुंचने के लिए साक्ष्य आधारित विवेचना की जा रही है। ऑनलाइन सट्टा प्रकरणों में मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है तथा उससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
दुर्ग पुलिस द्वारा नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों का प्रभावी एवं परिणाममुखी उपयोग करते हुए वर्ष 2026 में जुआ एवं सट्टा के दर्ज कुल 21 प्रकरणों में संगठित अपराध संबंधी धाराएं जोड़ी गई हैं। इन प्रकरणों में केवल मौके पर गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई तक सीमित न रहकर पूरे आपराधिक सिंडिकेट, मुख्य संचालकों, वित्तीय लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्तियों, तकनीकी सहयोगियों तथा अपराध से अर्जित संपत्ति एवं आर्थिक नेटवर्क की भी गहन विवेचना की जा रही है। नए कानून के इन प्रावधानों का उद्देश्य संगठित अपराध की जड़ों तक पहुंचकर उसके संपूर्ण नेटवर्क को विधिसम्मत रूप से ध्वस्त करना है। दुर्ग पुलिस द्वारा इन धाराओं का प्रभावी उपयोग करते हुए संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर एवं दीर्घकालिक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जिले में ऐसे अपराधों पर स्थायी एवं प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
विशेष रूप से ऑनलाइन सट्टा के विरुद्ध साइबर तकनीक आधारित कार्रवाई करते हुए डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संगठित गिरोहों का खुलासा किया जा रहा है। इस प्रकार दुर्ग पुलिस पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक एवं नए आपराधिक कानूनों का समन्वित उपयोग कर संगठित अपराध के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रही है।
वर्ष 2026 में संचालित विशेष अभियान के दौरान जुआ, सट्टा एवं ऑनलाइन सट्टा के कुल 120 प्रकरणों में 477 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान ₹39,29,212 नगद राशि, 522 मोबाइल फोन, 32 लैपटॉप, 70 मोटर सायकल/कार तथा लगभग ₹1,65,54,430 मूल्य की अन्य सामग्री जप्त की गई। यह अभियान संगठित अपराधों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस की सुनियोजित, तकनीक आधारित एवं परिणाममुखी कार्यप्रणाली का प्रभावी उदाहरण है।
वर्ष 2026 में जुआ के विरुद्ध कार्रवाई
कुल पंजीकृत प्रकरण : 30
गिरफ्तार आरोपी : 221
जप्त नगद राशि : ₹22,80,415
जप्त सामग्री
111 नग मोबाइल
56 मोटर सायकल/कार
अन्य सामग्री लगभग ₹48,18,000 मूल्य की
वर्ष 2026 में सट्टा के विरुद्ध कार्रवाई
कुल पंजीकृत प्रकरण : 65
गिरफ्तार आरोपी : 155
जप्त नगद राशि : ₹9,22,677
जप्त सामग्री
221 नग मोबाइल
16 नग लैपटॉप
08 मोटर सायकल/कार
अन्य सामग्री लगभग ₹63,96,720 मूल्य की
वर्ष 2026 में ऑनलाइन सट्टा के विरुद्ध कार्रवाई
कुल पंजीकृत प्रकरण : 25
गिरफ्तार आरोपी : 101
जप्त नगद राशि : ₹7,26,120
जप्त सामग्री
190 नग मोबाइल
16 नग लैपटॉप
06 मोटर सायकल/कार
अन्य सामग्री लगभग ₹53,39,710 मूल्य की
वर्ष 2026 की समग्र उपलब्धि
कुल पंजीकृत प्रकरण : 120
कुल गिरफ्तार आरोपी : 477
जप्त नगद राशि : ₹39,29,212
जप्त मोबाइल : 522 नग
जप्त लैपटॉप : 32 नग
जप्त मोटर सायकल/कार : 70
संगठित अपराध संबंधी धाराएं जोड़े गए प्रकरण : 21
अन्य जप्त सामग्री : लगभग ₹1,65,54,430 मूल्य की
जप्त सामग्री
1. ₹39,29,212 नगद राशि
2. 522 नग मोबाइल फोन
3. 32 नग लैपटॉप
4. 70 मोटर सायकल/कार
5. अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण एवं जुआ, सट्टा तथा ऑनलाइन सट्टा संचालन में प्रयुक्त सामग्री।















