अब इस बैठक को लेकर कई अहम सवाल हैं। क्या मुख्यमंत्री प्रदेश में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करेंगे? क्या पुलिस अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और मैदानी पुलिसिंग को लेकर सख्त निर्देश दिए जाएंगे? और क्या हालिया घटनाओं के बाद पुलिस महकमे में जवाबदेही तय करने को लेकर भी कोई बड़ा संदेश दिया जाएगा? फिलहाल बैठक के एजेंडे और मुख्यमंत्री की ओर से दिए गए निर्देशों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है…




भोपाल (ए)। सागर से हटाए गए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने इस्तीफा दे दिया है। जानकारी के अनुसार इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए जा रहे है। बता दें कि, सभी अधिकारियों को इस वक्त पुलिस मुख्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। आईपीएस अधिकारी के त्यागपत्र देने के इस मामले के सामने आते ही राज्य सरकार प्रशासनिक रूप से सक्रिय हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, अनुराग सुजानिया मूल रूप से राजस्थान राज्य के रहने वाले हैं। मध्य प्रदेश के सागर और मुरैना में पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी निभा चुके अनुराग के कार्यकाल में 2021 में मुरैना में जहरीली शराब कांड में 24 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। वहीं जब वह सागर में पदस्थ थे तब भी शराब कांड में कई लोगों ने जान गंवा दी थी। मोहन सरकार ने उनके साथ सागर में कलेक्टर को भी हटा दिया था।


आइपीएस अनुराग के इस्तीफे के बाद पूरे आईपीएस महकमे में हलचल है और मध्य प्रदेश सरकार प्रशासनिक रूप से काफी ज्यादा सक्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक किया।
अनुराग सुजानिया सागर में हुए जहरीली शराब कांड के बाद चर्चा में आए थे। दरअसल, इसी साल सितंबर के महीने में बंडा में जहरीली शराब की वजह से 15 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके चलते उनके ऊपर भी कई सवाल उठे थे और विपक्ष ने भी इसे काफी बड़ा मुद्दा बनाया था।
PHQ की जगह CM हाउस में बुलाई गई IPS अफसरों की बैठक
मध्यप्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को आईपीएस अधिकारियों की बैठक बुलाई। खास बात यह रही कि पहले यह बैठक पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में प्रस्तावित थी, लेकिन अचानक मुख्यमंत्री की ओर से सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) बुला लिया गया। बैठक के स्थान में हुए इस बदलाव के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई गंभीर आपराधिक घटनाओं और लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री अधिकारियों से सीधे फीडबैक ले सकते हैं। बैठक में अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग, मैदानी स्तर पर पुलिस की जवाबदेही और कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
बैठक को लेकर इसलिए भी चर्चा है क्योंकि इसी दिन सागर के पूर्व एसपी अनुराग सुजानिया के इस्तीफे की खबर सामने आई। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी सुजानिया को सागर एसपी पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में एआईजी बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।
गौरतलब है कि, सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद सरकार ने सागर कलेक्टर और एसपी का तबादला किया था। देवास में भी जहरीली शराब से मौतों के मामले के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी। इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार पर पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल खड़े किए हैं।



