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देश को मिला नया संसद भवन: पीएम मोदी ने सेंगोल को किया दंडवत प्रणाम, स्पीकर की कुर्सी के पास ‘सेंगोल’ हुआ स्थापित, पीएम ने दी वीर सावरकर को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री मोदी को तमिलनाडु सेंगोल सौंपा गया है, 18 मठों के मठाधीशों ने उनको आशीर्वाद दिया और उनको राजदंड दिया. राजदंड का अर्थ है कि आप किसी के साथ अन्याय नहीं कर सकते हैं…

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली में नए संसद भवन का उद्घाटन कर दिया है. समारोह की शुरुआत सुबह 7.30 बजे से पूजा के साथ हो गई. पीएम मोदी कई विपक्षी दलों के बहिष्कार के बीच, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नए संसद भवन को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। पीएम मोदी ने सेंगोल को दंडवत प्रणाम किया। संसद भवन के प्रांगण में सर्वधर्म प्रार्थना हुई जिसमे सभी धर्मों के धर्माचार्य उनके धर्म के आस्था मंत्र पढ़ा। 

कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस समारोह में शामिल नहीं होने की घोषणा की है. विपक्ष दलों का कहना है कि राष्ट्राध्यक्ष होने के नाते राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नए संसद भवन का उद्घाटन करना चाहिए. उद्घाटन समोराह से पहले पीएम मोदी ने कहा था कि नया संसद भवन प्रत्येक भारतीय को गौरवान्वित करेगा. उन्होंने नये परिसर का वीडियो भी शेयर किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई लोकसभा का उद्घाटन करने के बाद लोकसभा स्पीकर और अन्य मंत्रियों ने सेंट्रल हॉल में जाकर वीर सावरकर को श्रद्धांजलि दी।

नई संसद में तमिलनाडु से संबंध रखने वाले और चांदी से निर्मित एवं सोने की परत वाले ऐतिहासिक राजदंड (सेंगोल) को लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया जाएगा. सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर अगस्त 1947 में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को दिया गया ये राजदंड इलाहाबाद संग्रहालय की नेहरू दीर्घा में रखा गया था. नए संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर, सरकार 75 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी करेगी।

त्रिभुजाकार वाले चार मंजिला संसद भवन का निर्मित क्षेत्र 64,500 वर्ग मीटर है. नई पार्लिया मेंट में लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था की गई है. जबकि संयुक्त सत्र के लिए लोकसभा हॉल में 1,272 सदस्य बैठ सकते हैं. संसद का मौजूदा भवन 96 साल पुराना है, जिसका निर्माण कार्य 1927 में पूरा हुआ था. उद्घाटन से पहले लुटियंस दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई दी गई है।

पुलिस ने पहले ही एक यातायात परामर्श जारी करके कहा है कि नई दिल्ली जिले को इस अवधि के लिए नियंत्रित क्षेत्र माना जाएगा और वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. नया संसद भवन उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में स्थित है. पुलिस ने कहा कि अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के अलावा सीसीटीवी कैमरे से लगातार निगरानी की जा रही है।

जानें किन धर्म के धर्मगुरु हुए शामिल सर्वधर्म प्रार्थना में बौद्ध, ईसाई, जैन, पारसी, मुस्लिम, सिख, सनातन समेत कई धर्मों के धर्मगुरु ने अपनी-अपनी प्रार्थनाएं कीं. सभी धर्म के धर्मगुरुओं और विद्धानों ने नई संसद के उद्घाटन पर अपने-अपने विधि विधान से अनुष्ठान किया. इस दौरान पीएम मोदी समेत कार्यक्रम में शामिल सभी नेताओं ने इन प्रार्थनाओं को सुना।

राफेल के लिए भी की गई थी सर्वधर्म प्रार्थना 10 सितंबर 2020 को फ्रांस से आए 5 राफेल विमानों के भारतीय वायुसेना में शामिल होने पर सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया था. अंबाला एयरबेस पर हुए इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद थे. इस दौरान सभी धर्मगुरुओं ने अपनी-अपनी विधियों से पूजा की. सभी ने शांति की कामना करते हुए देश के जवानों की सलामाती की दुआ मांगी।

भारतीय सेना में आमतौर पर जब भी कोई बड़ा विमान, हथियार, युद्धपोत, जहाज शामिल होता है तो इसी तरह से सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया जाता है. भारतीय सेना में ये परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. जिसे हमेशा निभाया जाता है. नए संसद भवन से पहले हुई सर्वधर्म प्रार्थना को एक मिसाल कहा जा सकता है।

नई संसद में सेंगोल को स्थापित करने के बाद पीएम मोदी ने इस भवन को बनाने वाले श्रमजीवियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने इन श्रमजीवियों को सम्मानित किया. सेंगोल को लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी के पास स्थापित करने के बाद पीएम मोदी ने अधीनम से आशीर्वाद लिया।

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