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हमारी कोशिश है कि भारत के हथकरघा, खादी, कपड़ा क्षेत्र को विश्व गुरु बनाया जाए : पीएम मोदी

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एक ई-पोर्टल की शुरुआत भी करेंगे। वस्त्र और शिल्प से जुड़ी इस पोर्टल को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान ने तैयार किया है। कार्यक्रम में कपड़ा और एमएसएमई क्षेत्रों के 3000 से अधिक बुनकर, कारीगर और हितधारक भाग लेंगे…

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली में प्रगति मैदान के भारत मंडपम में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में भाग लेने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में खादी के उत्पादन में तीन गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और खादी के कपड़ों की बिक्री भी पांच गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश में खादी के कपड़ों की मांग बढ़ रही है।

भ्रष्टाचार, वंशवाद और तुष्टिकरण छोड़ो
विपक्षी दलों के गठबंधन ‘I.N.D.I.A’ पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश अब एक स्वर में भ्रष्टाचार, वंशवाद की राजनीति और तुष्टिकरण जैसी बुराइयों से कह रहा है भारत छोड़ो। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद वस्त्र उद्योग (खादी) को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया, जो पिछली सदी में इतना मजबूत था। आलम यह था कि इसे मरने के लिए छोड़ दिया गया। खादी पहनने वाले लोगों को हीन भावना से देखा जाता था। साल 2014 से हमारी सरकार इस स्थिति और सोच को बदलने में जुटी है।

पीएम ने कहा कि मैंने लोगों से खादी का कोई न कोई सामान खरीदने का  निवेदन किया था। इसका नतीजा जो निकला उसके हम सभी साक्षी हैं। देश में खादी की बढ़ती लोकप्रियता पर कहा कि इसकी बिक्री अब बढ़कर 1.30 लाख करोड़ रुपये हो गई है जो 2014 से पहले करीब 25,000-30,000 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि भारत के हथकरघा, खादी, कपड़ा क्षेत्र को विश्व गुरु बनाया जाए।

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में भारत मंडप में प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को लेकर देश में एक नई क्रांति आई है। उन्होंने देशवासियों से आने वाले त्योहारों में स्थानीय उत्पादों को और बढ़ावा देने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में ‘नव-मध्यम वर्ग’ का उदय हो रहा है, जो कपड़ा कंपनियों को बड़ा अवसर प्रदान करता है।

ई-पोर्टल की भी होगी शुरुआत
बता दें, कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री एक ई-पोर्टल की शुरुआत भी करेंगे। वस्त्र और शिल्प से जुड़ी इस पोर्टल को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईएफटी) ने तैयार किया है। कार्यक्रम में कपड़ा और एमएसएमई क्षेत्रों के 3000 से अधिक हथकरघा, बुनकर, कारीगर और हितधारक भाग लेंगे।

विभिन्न राज्य हथकरघा विभागों को एक साथ लाएगी यह पहल वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह पोर्टल देश के सभी हथकरघा समूहों, निफ्ट परिसरों, बुनकर सेवा केंद्रों, भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान परिसरों, राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम, हथकरघा निर्यात संवर्धन परिषद, केवीआईसी संस्थानों और विभिन्न राज्य हथकरघा विभागों को एक साथ लाएगा।

हमेशा करते है शिल्पकारों को प्रोत्साहन
पीएम हमेशा से देश की कलात्मकता और शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा को जीवित रखने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को प्रोत्साहन और नीतिगत समर्थन देने के दृढ़ समर्थक रहे हैं। इसी के तहत राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है।

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