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आज मासशिवरात्रि, सावन का छठवां सोमवार और पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग एक साथ, पूजा का मिलेगा पूर्ण फल

आज 14 अगस्त 2023 को सावन के छठे सोमवार और अधिक मास की मासिक शिवरात्रि के साथ ही पुष्य नक्षत्र का शुभ संयोग भी बना है. साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि व सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है…

वाराणसी (ए)। आमतौर पर पुष्य नक्षत्र का योग सावन के दौरान बहुत कम ही पड़ता है. इस साल सावन अधिक मास की मासशिवरात्रि 14 अगस्त सोमवार को है. इस दिन सोम-पुष्य नक्षत्र का बेहद शुभ संयोग बन रहा है. सावन माह में मासशिवरात्रि, सोमवार और पुष्य नक्षत्र एक साथ आने से यह समय बहुत ही प्रभावशाली और सुख-समृद्धि देने वाला भी माना जाता है।

आज शुभ संयोग के साथ ही सर्वार्थ सिद्धि और सिद्धि योग भी बन रहे हैं. ऐसे में इस विशेष संयोग में शिव पूजा के साथ दूध, अक्षत, बेलपत्र और धतूरे के कुछ विशेष उपाय करने से किस्मत चमक सकती है और अटके काम बन सकते हैं।

पुष्य नक्षत्र का महत्व 27 नक्षत्रों में पुष्य 8वां नक्षत्र स्थाई होता है, इसे बेहद शुभ माना जाता है. पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव और अधिष्ठाता बृहस्पति हैं. शनि की वजह से खरीदी गई वस्तु स्थाई और बृहस्पति के कारण समृद्धि देने वाली होती है. आप इस नक्षत्र में वाहन, भूमि, जमीन आदि खरीद सकते है. ये नक्षत्र शीघ्र ही अपना फल देता है. इस नक्षत्र में घर में कुछ ना कुछ खरीद कर लाना परिवार के लिए शुभ फल प्रदान करने वाला है और इससे परिवार के सदस्यों की प्रगति भी होती है।

16 जुलाई से सूर्य के कर्क राशि में आने के बाद दक्षिणायन शुरू हो गया. अगले 6 महीने तक दक्षिणायन रहेगा. साथ ही देवशयन होने से चातुर्मास भी चल रहा है. इस बार अधिक मास भी है. पुराणों के अनुसार दक्षिणायन, देवशयन और अधिक मास के दौरान शुभ काम नहीं किए जाते हैं, फिर भी खरीदारी का मुहूर्त है।

ज्योतिष के मुहूर्त ग्रंथों के अनुसार इस दौरान खरीददारी करने से कोई दोष नहीं लगता है, पूरे साल खरीददारी की जा सकती है. चाहे वो पितृपक्ष हो, खरमास, धनुमास या अधिक मास हो।

सावन सोमवार और मासशिवरात्रि पर शुभ योग व मुहूर्त सावन अधिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी मासशिवरात्रि आज 14 अगस्त सोमवार को सुबह 10 बजकर 26 मिनट से 15 अगस्त मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगी।

  • पुष्य नक्षत्र: 11 बजकर 7 मिनट से अगले दिन दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा.
  • अभिजित मुहूर्त: 11 बजकर 59 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक है.
  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 11 बजकर 07 मिनट से 15 अगस्त को सुबह 6 बजकर 14 मिनट है.
  • सिद्धि योग: सूर्योदय से ही सिद्धि योग है. ये योग रात 2 बजकर 7 मिनट तक बना रहेगा.

इन शुभ योगों के संयोग में आप जो भी खरीदारी करेंगे, उसका शुभ फल प्राप्त होगा.

सावन सोमवार के विशेष उपाय

  • इस दिन 11 बेलपत्र पर चंदन से ऊँ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. पूजा संपन्न करने के बाद इनमें से 1 बेलपत्र को आप घर में रूपये-पैसे आभूषणों के साथ रख दें. ऐसा करने से आपके धन संचय में बढ़ोत्तरी होगी और अनावश्यक खर्च कम होंगे.
  • आज अभिजीत मुहूर्त में शिव परिवार की पूजा करें, देवादिदेव महादेव का ध्यान करके एक धतूरा शिवलिंग पर चढ़ाकर श्री शिवाय नमस्तुभ्यं मंत्र का कम से 1 माला यानि 108 बार जाप जरूर करें. पूजा के थोड़ी देर बाद उस चढ़ाए गए धतूरे को कपड़े में बांधकर घर के पूजन कक्ष में रख दें. इस उपाय से घर में और सुख-समृद्धि में इजाफा होगा और आकस्मिक परेशानियां दूर होगी.
  • इस दिन गृहलक्ष्मी सूर्योदय से पहले दो मुट्ठी चावल पकाएं और फिर इन्हें ठंडा होने दें. ठंडा हो जाने के बाद चावल में घी, चीनी, मिलाएं. अब रात की बची हुई एक रोटी पर इन चावलों को रख दें. ये चावल घर के बाहर जाकर किसी राह चलती गाय को खिलाएं और उसे नमस्कार कर घर लौट आएं. सावन के शेष रहे सोमवार को भी यह प्रयोग करें। ध्यान रखें कि यह कार्य सूर्योदय से पहले हो, सुबह उठने से लेकर चावल पकाने, उसे गाय को खिलाने तक मौन रहें. गाय सडक पर चलती हो, पालतू हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. बिना क्रम टूटे सावन के सोमवार को ऐसा करने से परिवार में प्रेम-पूर्ण वातावरण बनेगा. झगडे व विवाद स्वत धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे.
  • मनोकामना पूर्ण करने के लिए प्रदोष काल में शिव-पार्वती की पूजा करें शिवलिंग पर जल अर्पित कर ऊँ गौरी शंकराय नमः और ऊँ पार्वती पतये नमः दोनो का 108 बार जाप करें.

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