इस बार राज्यसभा चुनाव के नामांकन की तारीख बिहार के भविष्य के लिए बड़ी तारीख बनने वाली है, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान के बाद यह बात स्पष्ट हो चुकी है। नीतीश कुमार, नितिन नवीन समेत एनडीए के पांचों उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है। नीतीश कुमार ने अपनी इच्छा बता दी है। उनके बेटे निशांत को बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है…
पटना (ए)। बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया है। सीएम नीतीश कुमार, नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश कुमार ने अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर दिया। गृह मंत्री अमित शाह, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजेंद्र यादव, विजय चौधरी समेत भाजपा-जदयू के कई वरिष्ठ नेता नामांकन कार्यक्रम में शमिल हुए।
सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नीतीश कुमार का कार्यकाल स्वर्णिम रहा। बिहार की जनता ही नहीं पूरे देश को उनका कार्यकाल याद रहेगा। हमलोग नई पारी की शुभकामना देते हैं।
नीतीश कुमार बिहार से राज्यसभा सदस्य का आज नामांकन भरा है। बीते दो दशकों से बिहार की जनता के कल्याण के लिए आपकी प्रतिबद्धता और समर्पित नेतृत्व ने प्रदेश को जंगलराज से मुक्त कर विकास और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ाया है। जनसेवा का आपका व्यापक अनुभव तथा नीति-निर्माण की गहरी समझ राज्यसभा की कार्यवाही को और अधिक प्रभावी बनाएगी।
बिहार प्रदेश कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि बिहार में जनमत की हत्या की जा रही है और भाजपा का षड्यंत्र अब बेनकाब हो गया है। नीतीश कुमार के नाम पर वोट लेकर उन्हें पद से हटाकर खुद सत्ता पर पूरा कब्जा करने की योजना भाजपा कई महीनों से बना रही थी, जिसकी आशंका कांग्रेस पहले ही जता चुकी थी।
कांग्रेस के अनुसार आज सामने आ रही खबरें उसी कथित षड्यंत्र का परिणाम हैं। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा के साथ जदयू के कुछ नेता भी शामिल हैं और इसी योजना के तहत नीतीश कुमार के स्वास्थ्य के साथ भी लगातार खिलवाड़ किया गया। कांग्रेस ने कहा कि यह फैसला नीतीश कुमार का नहीं हो सकता और इसे बिहार के करोड़ों मतदाताओं द्वारा दिए गए जनादेश के साथ विश्वासघात बताया।

















