भिलाई (सारनाथ एक्सप्रेस)। महिला पुलिस अधिकारी यह साबित करती हैं कि महिलाएँ किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। उनकी मेहनत और समर्पण समाज में सुरक्षा और न्याय को मजबूत बनाता है। इसलिए हमें महिला पुलिस अधिकारियों का सम्मान करना चाहिए और उनके साहस से प्रेरणा लेनी चाहिए। महिला पुलिस अधिकारी एक मां होने के साथ साथ अपने कर्तव्य के प्रति अपना सौ प्रतिशत देती है। महिला दिवस के अवसर पर दुर्ग जिला के महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक नीता राजपूत से सारनाथ एक्सप्रेस ने विशेष बातचीत की, जो कि एक राष्ट्रीय पदक विजेता अधिकारी है।
उप निरीक्षक नीता राजपूत की प्रारंभिक और हाई स्कूल तक की शिक्षा पंवरजली, जिला कबीरधाम के शासकीय स्कूल में हुई। हायर सेकेंडरी की पढ़ाई उन्होंने शासकीय विद्यालय कुंडा, कबीरधाम से पूरी की। शासकीय कॉलेज, कबीरधाम से उन्होंने वर्ष 2008 से 2011 तक स्नातक (बीएससी) की डिग्री हासिल की। उन्होंने मैथ्स (एमएससी) और पॉलिटिकल साइंस में डबल स्नातकोत्तर की डिग्री ली है।
जून 2010 से जनवरी 2013 तक उन्होंने शिक्षाकर्मी वर्ग तीन में शिक्षिका के पद पर सेवाएं दी, इस दौरान वे इंदौरी गवर्मेंट स्कूल में पदस्थ रही। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण उन्होंने आगे नौकरी के लिए पढ़ाई जारी रखी और जनवरी 2013 में शिक्षाकर्मी की नौकरी से त्यागपत्र देकर वन विभाग में वन आरक्षक के पद पर जनवरी 2013 से अक्टूबर 2013 तक सेवाएं दी। नौकरी के साथ ही साथ उन्होंने सीजी पीएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जारी रखी और सितंबर 2013 में अपने पहले ही प्रयास में छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद पर चयनित हुई।
उनका प्रोबेशनर जिला रायगढ़ रहा, जहां उन्होंने मार्च 2015 से जून 2016 तक अपनी सेवाएं दी। जुलाई 2016 से जनवरी 2019 तक राजनांदगांव जिले में पदस्थ रही। जनवरी 2019 से अगस्त 2023 तक बेमेतरा जिला में अपनी सेवाएं दी। इस दौरान उन्हें बेहतर कार्य के लिए वर्ष 2019-20 में राज्यपाल अवार्ड (50 हजार रुपए नगद), वर्ष 2023 में पुलिस महानिदेशक अवार्ड (25 हजार रुपए नगद) और उत्कृष्ट विवेचना के लिए वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ से एक मात्र इनका चयन केंद्रीय गृहमंत्री पदक के लिए हुआ और उनको सम्मानित किया गया। सितंबर 2023 से वे दुर्ग जिला में अपनी सेवाएं दे रही है और वर्तमान में महिला थाना प्रभारी है।
आध्यात्मिक प्रवचन और गाना सुनने में विशेष रुचि रखने वाली उप निरीक्षक नीता राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला को संदेश दिया है कि
वर्तमान समय में महिलाओं को व्यावसायिक दक्षता के साथ अपने पारिवारिक मूल्यों के लिए भी समझ होनी जरूरी है। महिलाओं को अपने व्यावसायिक कार्य एवं निजी जीवन दोनों में संतुलन बनाकर ही कार्य करना चाहिए। परिवार को टूटने से बचाने और उनको संभालकर रखना भी महिलाओं की जिम्मेदारी है।
शिक्षा के साथ साथ अपने बच्चों को संस्कार दे ताकि समाज में आने वाले समय में नैतिकता बनी रहे। समयानुसार आत्मनिर्भरता के साथ निर्णय लेवे। महिलाएं देश और समाज की प्रगति में अपने कर्तव्यों को समझे।


















