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CBSE की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं 16 फरवरी से, 46 लाख से अधिक छात्र देंगे परीक्षा

परीक्षा की समय-सारिणी तैयार करते समय उन विषयों के बीच पर्याप्त अंतर रखा गया है, जिन्हें विद्यार्थी अक्सर एक साथ चुनते हैं। इससे विद्यार्थियों को एक विषय की परीक्षा के बाद दूसरे विषय की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। सीबीएसई ने 12वीं के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के संभावित कार्यक्रम को भी ध्यान में रखा है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने वर्ष 2027 की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा कर दी है। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं 16 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। बोर्ड ने परीक्षा से करीब 101 दिन पहले ही विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी है, ताकि विद्यार्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इस बार 10वीं कक्षा में 83 विषयों और 12वीं कक्षा में 121 विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। विस्तृत समय-सारिण आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

सीबीएसई ने 6 नवंबर को सभी संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को जारी पत्र में बताया कि परीक्षा की समय-सारिणी तैयार करने से पहले विद्यार्थियों द्वारा चुने गए विषयों, प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की संभावित तारीखों और परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या सहित कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। बोर्ड के अनुसार, वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए 12वीं कक्षा के 19.8 लाख से अधिक और 10वीं कक्षा के 26.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। इस तरह दोनों कक्षाओं में कुल 46.3 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

परीक्षा की समय-सारिणी तैयार करते समय उन विषयों के बीच पर्याप्त अंतर रखा गया है, जिन्हें विद्यार्थी अक्सर एक साथ चुनते हैं। इससे विद्यार्थियों को एक विषय की परीक्षा के बाद दूसरे विषय की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। सीबीएसई ने 12वीं के विद्यार्थियों की सुविधा के लिए प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के संभावित कार्यक्रम को भी ध्यान में रखा है। बोर्ड ने प्रयास किया है कि 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं इन प्रवेश परीक्षाओं के शुरू होने से पहले पूरी हो जाएं। इससे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ आगे की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने में भी सुविधा होगी।

बोर्ड ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम बनाते समय किसी एक दिन परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या का भी आकलन किया गया है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके। इसके अलावा, परीक्षा कार्यक्रम इस तरह तैयार किया गया है कि मूल्यांकन के दौरान शिक्षकों को लंबे समय तक अपने विद्यालयों से दूर न रहना पड़े। इससे विद्यालयों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी।

सीबीएसई ने बताया कि समय-सारिणी तैयार करते समय 40 हजार से अधिक विषय संयोजनों को ध्यान में रखा गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी विद्यार्थी के चुने हुए दो विषयों की परीक्षाएं एक ही दिन न पड़ें। बोर्ड की सभी परीक्षाएं भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगी। समय-सारिणी पहले जारी करने से विद्यार्थियों और स्कूलों को फायदा होगा।

सीबीएसई के अनुसार, इस बार समय-सारिणी पहले जारी करने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई की बेहतर योजना बनाने का अवसर मिलेगा। इससे परीक्षा को लेकर तनाव कम करने और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थी, उनके परिवार और शिक्षक गर्मी की छुट्टियों के दौरान अपनी यात्राओं और अन्य गतिविधियों की योजना भी परीक्षा तथा मूल्यांकन कार्यक्रम को ध्यान में रखकर बना सकेंगे। विद्यालयों को भी बोर्ड परीक्षाओं की कक्षाओं के लिए शैक्षणिक योजना और विद्यार्थियों की सहायता से जुड़ी व्यवस्थाएं पहले से तैयार करने का समय मिलेगा।

वहीं, परीक्षा केंद्रों के रूप में निर्धारित विद्यालयों को आवश्यक इंतजाम और अपनी नियमित गतिविधियों की योजना बनाने में सुविधा होगी। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय-सारिणी समय पर जारी करना विद्यालयों की ओर से विद्यार्थियों की सूची जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के कारण संभव हो पाया है। विद्यार्थियों के विषय संयोजनों से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद ही अंतिम परीक्षा कार्यक्रम तैयार किया गया।

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