भिलाई 03। प्रदेश के मुखिया विष्णुदेव साय के निर्देश और मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी लिमिटेड एक ओर जहां समाधान शिविर आयोजित कर आम लोगों की समस्याओं का समाधान कर रही है वहीं दूसरी तरफ विभाग के लापरवाह और बदतमीज अधिकारी मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा दिखाने का काम करने से बाज़ नहीं आ रहे है।
ताजा मामला नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा क्षेत्र अंतर्गत विश्व बैंक कॉलोनी, सेक्टर 4 का है। प्रार्थी अपना घर बनवाने के लिए भिलाई 03 बिजली विभाग में टीसी कनेक्शन के लिए आवेदन किया, उसके घर के पास कोई विद्युत खंभा नहीं था तो उसने भिलाई 03 बिजली विभाग के सहायक अभियंता श्री लहरे को 3 अप्रैल को लिखित आवेदन किया कि विद्युत खंभा लगाकर उस लाइन को चार्ज किया जाएं। आवेदन के तीन दिन में यानी 7 अप्रैल को नया बिजली का खंभा लग गया।
उसके बाद प्रार्थी लगातार उस लाइन को चार्ज करने के लिए सहायक अभियंता मुकेश लहरे से लगातार सम्पर्क करते रहा। सहायक अभियंता द्वारा उसको ठेकेदार बाहर का उसके आदमी आयेंगे तो कराएंगे, ठेकेदार के आदमी नहीं आ रहे है, दूसरे जगह काम चल रहा है…ऐसी बातें बोलकर घुमाते रहे, जब प्रार्थी ने देखा कि लाइन अभी चार्ज नहीं होगा तो उसने अपने नवनिर्मित घर के लिए करीब 50 मीटर दूर किसी अन्य बिजली के खंभे से कनेक्शन लेना पड़ा। करीब सवा महीने बाद उस नए खंभे पर तार बांधा गया।
उसके बाद जब नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा की विद्युत विभाग की टीम उस खंभे पर स्ट्रीट लाईट लगाने गई तो पता चला कि खंभे पर जो कनेक्शन बॉक्स लगा है उसमें विद्युत की सप्लाई से जोड़ा ही नहीं गया है, सिर्फ तार लगा दिया गया है। निगम की टीम खंभे पर स्ट्रीट लाइट बांधकर आ गई और कहा कि स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन के लिए कनेक्टर सीएसपीडीसीएल के पास रहता है, तब सहायक अभियंता को इससे अवगत कराया गया।
इसके बाद 9 जून से लगातार सहायक अभियंता से कनेक्शन करने के लिए गुहार लगाया जा रहा है लेकिन आज दिनांक तक कनेक्शन नहीं किया गया है। ऊपर से सहायक अभियंता बदतमीजी से बात करते कहता है कि...मैं बहुत दुखी हूं तेरा काम करवा के…बहुत दुखी हो गया हूं…नहीं करवाना था…एक साल इंतजार करवाना था तब अच्छा लगता…बिजी हु बोलकर कॉल डिस्कनेट कर दिया। ऐसी ही शब्द का प्रयोग सुशासन तिहार में भी किया था। सुशासन तिहार में भी सीएसपीडीसीएल की अभियंता से वार्ड पार्षद से तीखी बहस हो चुकी है।
आखिर सहायक अभियंता एक साल इंतजार करवाने की बात क्यों कह रहा है, क्या उसने खंभा तुरंत लगवाकर सीएसपीडीसीएल और प्रार्थी पर बहुत बड़ा अहसान किया है? और सवा महीने बिजली का तार लगाने और अब 15 दिनों से लाइन को चार्ज करने लिए इंतजार करवाना क्या यह भी अहसान करने का हिस्सा है? सहायक अभियंता की बात सुनकर आपको पता चल जाएगा कि इसकी क्या मानसिकता है और इसको कैसे संस्कार मिले है कि तू करके बात कर रहा है अगर यही तू करके कोई आम आदमी बात कर दे तो उसको गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जायेगा।
ऐसे अधिकारी न केवल अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरत रहा है, बल्कि आम नागरिकों और शिकायतकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार भी कर रहा है। इसके चलते विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। सहायक अभियंता द्वारा बार बार ठेकेदार के आदमी नहीं आ रहे है बोलकर करीब सवा महीने घुमाते रहा। सवाल अब ये उठता है कि अगर कोई ठेकेदार के आदमी एक महीने नहीं आयेंगे तो क्या सीएसपीडीसीएल का कोई काम नहीं होगा? अगर ठेकेदार के आदमी नहीं आ रहे है और सीएसपीडीसीएल का काम प्रभावित हो रहा है तो ऐसे लापरवाह ठेकेदार पर भी कार्यवाही होनी चाहिए और उनको ब्लैक लिस्टेड किया जाना चाहिए। सहायक अभियंता को ठेकेदार के वर्कर ना आने का जिक्र करते रहे क्या ऐसे ठेकेदार की शिकायत अपने उच्च अधिकारियों से की अगर नहीं की तो क्यों नहीं की? सवाल तो ये भी है।
सहायक अभियंता के लापरवाह रवैया के कारण एक ही काम के लिए कई बार गुहार लगाना पड़ रहा है। जब बिजली का तार बांधा जा रहा था उसी वक्त कनेक्शन बॉक्स को कनेक्ट कर देना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उसी काम के लिए बार बार कॉल करो, जाकर ऑफिस में मिलो और फिर अधिकारी के नाराजगी का शिकार भी बनो। ऐसे लापरवाह और बदतमीज अधिकारी ना सिर्फ सीएसपीडीसीएल बल्कि मुख्यमंत्री के आदेश का भी फजीहत करने में लगे हुए है।
ऐसे लापरवाह और बदतमीज सहायक अभियंता पर कार्यवाही विभाग द्वारा होनी चाहिए ताकि अन्य अधिकारियों को इससे सबक मिल सके और क्षेत्र की जनता के काम मुख्यमंत्री के मंशानुरूप आसानी से हो सके। आय दिन लापरवाही की शिकायत मिल रही है, अगर समय रहते इस और ध्यान नहीं दिया गया तो क्षेत्र की जनता जन आंदोलन भी कर सकती है।
एक ही काम के लिए बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है और ना संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है। हर साल शासन का आदेश राहत है कि बरसात शुरू होने की पूर्व मेंटेनेंस का काम पूरा कर ले ताकि बारिश में भी बिजली सप्लाई बाधित ना हो लेकिन शासन के आदेश को हर बार ठेंगा दिखा दिया जाता है। वैसे भी भिलाई 03 में बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर खराब होने, लो-वोल्टेज, तारो में शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या अब आम बात हो गई है। शासन द्वारा पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की बात कही जाती है, लेकिन ऐसे अधिकारी की कार्यशैली इन प्रयासों को कमजोर कर रही है।


















