भिलाई-3। नगर भिलाई-चरोदा के उमदा वार्ड में मंगलवार को आयोजित सुशासन तिहार में कलेक्टर अभिजीत सिंह ने पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम चरोदा के आयुक्त डीएस राजपूत, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महेश सिंह राजपूत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। वही निगम महापौर निर्मल कोसरे, विधायक प्रतिनिधि सतीश साहू, दिलीप पटेल, नेता प्रतिपक्ष राम खिलावन वर्मा, वरिष्ठ पार्षद फिरोज फारूखी ने भी विभिन्न स्टालों का निरीक्षण कर जानकारी ली और हितग्राहियों से बात किया।
राज्य शासन के निर्देशानुसार सुशासन तिहार 2026 के तहत नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा क्षेत्र में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
शिविर का आयोजन वार्ड क्रमांक 6 स्थित सामुदायिक भवन उमदा में किया गया, जिसमें वार्ड क्रमांक 1 से 6 तक के नागरिक शामिल हुए। नागरिकों से सीधे आवेदन लेकर समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। निगम क्षेत्र में 11 मई को मंगल भवन में वार्ड 7 से 17 तक का आयोजन किया जाएगा। वार्ड 1 से 6 तक के लिए आयोजित शिविर में 78 मांग और 10 शिकायत का आवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें 52 निकाय संबंधित और 36 अन्य विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।
कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत ने पहले से ही योजना बना रखी थी और नोडल अधिकारी तथा संबंधित अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया था। शिविर में पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुशासन तिहार के अंतर्गत 1 मई से 10 जून तक वार्डवार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, कलेक्टर ने लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया और वहां आभा आईडी बनाने की प्रक्रिया की जानकारी ली। शिविर में कुल 23 लोगों की आभा आईडी बनाई गई। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने लोगों को आभा आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से अपने सामने ही एक हितग्राही की आभा आईडी बनवाई।स्वास्थ्य शिविर के संयोजक बीईटीओ सैयद असलम ने बताया कि कलेक्टर ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी आभा आईडी अवश्य बनवानी चाहिए। यह आईडी व्यक्ति के स्वास्थ्य संबंधी संपूर्ण जानकारी रखती है, जिससे किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर को इलाज उपलब्ध कराने और मरीज की पूर्व की स्वास्थ्य स्थिति का पता लगाने में सहयोग मिलता है।

















