नवरात्रि का छठा दिन मां कात्यायनी को समर्पित है। इस दिन माता कात्यायनी का विधि विधान से पूजन किया जाता है और उनका प्रिय भोग अर्पित करते हैं। मान्यता है कि मां कात्यायनी को शहद प्रिय है, यहां शहद से तैयार आसान रेसिपी बताई जा रही है जो आप आसानी से बना सकते हैं…
नईदिल्ली (ए)। नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। आज नवरात्रि के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा करने और सच्चे मन से प्रार्थना करने से भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास की प्रेरणा मिलती है। इस दिन भक्त माता रानी को प्रसन्न करने के लिए विशेष भोग तैयार करते हैं और पूजा के बाद प्रसाद वितरित करते हैं।
कैसे करें पूजा?
शुक्रवार को सुबह-सुबह उठकर स्नान करें, फिर लाल रंग के कपड़े पहनें, क्योंकि यह मां कात्यायनी का पसंदीदा रंग माना जाता है। इसके बाद अपने घर के पूजा स्थान को साफ कर लें। फिर पूरा परिवार मिलकर मां दुर्गा की पूजा करे। पूजा के दौरान मां कात्यायनी की प्रतिमा को गेंदे के फूलों की माला पहनाएं और देवी मां के समक्ष गुड़हल के फूल अर्पित करें। पूजा और आरती के बाद भक्तों को 108 बार मंत्र का जाप करना चाहिए।
मां कात्यायनी के मंत्र
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।
या देवी सर्वभूतेषु मां कात्यायनी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
वन्दे वांछित मनोरथार्थ चन्द्रार्घकृत शेखराम्।
क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?
16 अक्टूबर को चार ऐसे मुहूर्त हैं, जब भक्तों को दुर्गा मां के सुंदर स्वरूप की उपासना करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त के दौरान पूजा-पाठ करने से भक्तों को देवी मां का आशीर्वाद मिलता है।
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 52 मिनट से 5 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5 बजकर 51 मिनट से शाम 6 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।

















