BREAKING

खास खबरदुर्ग-भिलाईफीचर्डसाक्षात्कार

शासकीय योजनाओं का लाभ सबसे निचले तबके के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसी उद्देश्य के साथ काम करते आया हूं : आयुक्त एसके सुंदरानी

भिलाई 03 (सारनाथ एक्सप्रेस)। सेवा भाव शुरू से ही हमारे परिवार में रहा है, हमारे लिए सेवा सर्वोपरि है इसलिए शासकीय नौकरी का चयन किया ताकि जनता से सीधे जुड़ कर सेवा कर सकू। सेवा के लिए शासकीय नौकरी सबसे बेहतर अवसर है। मेरा पूरा प्रयास रहता है कि शासकीय योजनाओं का लाभ सबसे निचले तबके के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे इसी उद्देश्य के साथ काम करते आया हु, कर रहा हु औऱ आगे भी करूँगा। सरकार ने मुझे जिस जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया है वह जिम्मेदारी मैं पूरी ईमानदारी से निर्वहन कर सकू यह मेरी प्राथमिकता रहती है। यह सब बातें नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के 10वें नवपदस्थ आयुक्त सुदेश कुमार सुंदरानी ने सारनाथ एक्सप्रेस एक्सप्रेस से विशेष बातचीत में कही। इन्होंने अपने तब तक के सफर को हमसे साझा किया…

एसके सुंदरानी का जन्म राजिम (छग) हुआ था। उनकी प्रारम्भिक शिक्षा व हाई स्कूल की शिक्षा देवभोग, गरियाबंद (छग) के शासकीय स्कूल में पूर्ण हुई। वर्ष 1984 में उन्होंने फर्स्ट डिवीज़न में हायर सेकंडरी (मैथ्स) की परीक्षा मप्र बोर्ड से उत्तीर्ण किया। वर्ष 1989 में इन्होंने फर्स्ट डिवीज़न में बीई (सिविल) की परीक्षा पं.रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर (मप्र) से उत्तीर्ण किया। मास्टर ऑफ़ इंजीनियरिंग (ट्रांसपोर्टेशन) की डिग्री उन्होंने वर्ष 1991 में फर्स्ट डिवीजन से देवी अहिल्याबाई विवि, इंदौर (मप्र) से प्राप्त किया।

वर्ष 2005 में उन्होंने ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नर, बॉम्बे से डिप्लोमा इन लोकल सेल्फ गवर्नर, वर्ष 2015 में सीईपीटी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से डिप्लोमा इन अर्बन ट्रांसपोर्टेशन एंड ईनवायरनमेंट तथा वर्ष 2018 में मैट्स यूनिवर्सिटी से एमबीए (एचआर) की डिग्री प्रथम श्रेणी में हासिल किया।

पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहने वाले एसके सुंदरानी को पढ़ाई के दौरान इन्हें कक्षा आठवी से बारहवीं तक नेशनल स्कॉलरशिप, बीई के दौरान इन्हें मध्यप्रदेश सरकार से मैरिट स्कॉलरशिप, गेट स्कॉलरशिप तथा जापान-सिंगापुर पार्टनरशिप प्रोग्राम के तहत इन्हें फ़ेलोशिप अवार्ड दिया जा चुका है।

वर्ष 1994 से 2003 तक उन्होंने कई नगर निगमों में बतौर आयुक्त तथा अर्बन डेवलोपमेन्ट एजेंसियों में चीफ एग्जीक्यूटिव के पद पर अपनी सेवाएं दी। तीन बार दुर्ग नगर निगम आयुक्त, रायगढ़ नगर निगम आयुक्त रहते हुए उन्होंने 12 वर्षो तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2012 से 14 तक उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम रायपुर के पद पर अपनी सेवाएं दी। अर्बन एडमिनिस्ट्रेशन, रायपुर डिवीजन में उन्होंने जॉइंट डिरेक्टर के पद पर अपनी सेवाएं दी।

अर्बन डेवलोपमेन्ट जगदलपुर डिवीज़न के जॉइंट डिरेक्टर रहे। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त रहते हुए एक वर्ष अपनी सेवाएं दी।उसके बाद उन्होंने संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास रायपुर के पद पर भी अपनी सेवाएं दी। अब राज्य सरकार ने उन्हें नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के आयुक्त पद की अहम जिम्मेदारी सौंपी है।

उन्हें भारत सरकार द्वारा वेस्ट रिसाइक्लिंग प्रेजेन्टेशन अवार्ड (2004), बेस्ट इम्प्लीमेंटेशन अवार्ड (2014) तथा प्लाटिनम स्कॉच अवार्ड फ़ॉर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (2016) से नवाजा जा चुका है। उन्होंने हुडको द्वारा आयोजित “लो कॉस्ट हाउसिंग”, लाइवलीहुड ऑफ अर्बन पुअर्स इन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन नईदिल्ली, सिटी मोबिलिटी प्लान, नेशनल इनवीरोंमेंटल एजेंसी सिंगापुर सहित कई ट्रेनिंग कर चुके है।

उन्होंने नेशनल स्लम डेवलोपमेन्ट प्रोग्राम अहमदाबाद, इको फ्रेंडली वेस्ट मैनेजमेंट हैदराबाद, लो कॉस्ट हाउसिंग चेन्नई सहित कई राष्ट्रीय सेमिनार तथा वर्कशॉप में भी भाग लिया है।

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को अपना आदर्श मानने वाले औऱ रीडिंग एवं वाइल्ड लाइफ में विशेष रुचि रखने वाले एसके सुंदरानी कार्य के प्रति हमेशा सक्रिय रहते एक सुलझे हुए साफ-सुथरी छबि के तेजतर्रार अधिकारी माने जाते है।आयुक्त के पद पर पदस्थ रहते हुए इन्होंने पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रत्येक शुक्रवार को सायकल से ऑफिस जाया करते थे।

Related Posts