

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा इस बार कई मायनों में खास और अप्रत्याशित रहा। दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री अचानक रायपुर पहुंचे और यहां से बिना किसी सार्वजनिक कार्यक्रम या भव्य स्वागत समारोह के सीधे बस्तर के लिए रवाना हो गए। उनके इस अचानक दौरे ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाओं को तेज कर दिया।

बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री के आगमन की जानकारी प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों को पहले से नहीं थी। आमतौर पर प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान एयरपोर्ट पर पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों की मौजूदगी के साथ व्यापक प्रोटोकॉल व्यवस्था दिखाई देती है, लेकिन इस बार सामान्य औपचारिकताओं से अलग तस्वीर देखने को मिली। प्रधानमंत्री के आगमन और बस्तर रवाना होने की खबर सामने आने के बाद अधिकारियों के बीच भी जानकारी जुटाने की हलचल रही।



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर बताया कि वे बस्तर में देश की सुरक्षा में तैनात वीर जवानों के साथ दीपावली मनाने जा रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा बलों के साहस, त्याग, बलिदान और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को नमन किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बस्तर में आए बदलाव का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र की पहचान कभी नक्सलवाद के प्रभाव से जुड़ी थी, वहां अब विकास की नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। सुरक्षा बलों के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में जिस साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं, वह देश के लिए गर्व का विषय है।


बस्तर के लिए यह दीपावली कई मायनों में ऐतिहासिक और यादगार रही। कुछ ही दिनों के भीतर देश की दो प्रमुख संवैधानिक हस्तियों का इस आदिवासी अंचल में पहुंचना विशेष महत्व रखता है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 25 अक्टूबर को बस्तर दशहरा के अवसर पर जगदलपुर पहुंची थीं। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के मौके पर बस्तर पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया।
लंबे समय तक नक्सली हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर अब विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के प्रयासों ने विकास की गतिविधियों को गति दी है।
प्रधानमंत्री का जवानों के बीच दीपावली मनाने का निर्णय सुरक्षा बलों के मनोबल को सम्मान देने के साथ बस्तर में बदलते हालात और विकास की संभावनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने वाला कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्येक वर्ष दीपावली पर देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा में तैनात जवानों के बीच पहुंचकर त्योहार मनाते रहे हैं। इस बार बस्तर का चयन करना विशेष संदेश के रूप में देखा जा रहा है। नक्सलवाद के खिलाफ कठिन परिस्थितियों में मोर्चा संभालने वाले जवानों के बीच प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने दीपावली के उत्सव को और भी खास बना दिया।



