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रिजर्व बैंक ने Patym का बैंकिंग लाइसेंस किया रद्द, लाखों यूजर्स परेशान

भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंक के कामकाज में बैंक और उसके जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले तरीके अपनाए जाने के कारण लाइसेंस रद्द किया गया है…

 

 

नईदिल्ली (ए)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबीएल) के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए, तत्काल प्रभाव से उसके बैंकिंग लाइसेंस को रद्द करने का आदेश जारी किया। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिसके बाद से बैंक किसी भी प्रकार की नई जमा स्वीकार नहीं कर सकेगा और न ही किसी भी ग्राहक खाते में क्रेडिट लेन-देन कर पाएगा। इस निर्णय का सीधा असर बैंक के करोड़ों ग्राहकों पर पड़ेगा, जिन्हें अपनी जमा राशि और लेन-देन को लेकर चिंता सता रही है।

आरबीआई ने कहा, ‘बैंक के प्रबंधन का सामान्य स्वरूप जमाकर्ताओं के हितों के साथ-साथ जनहित के भी विरुद्ध है।’ इसके परिणामस्वरूप, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को किसी भी प्रकार का बैंकिंग व्यवसाय करने से प्रतिबंधित किया गया है। आरबीआई ने यह भी कहा कि वह बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में आवेदन करेगा। आरबीआई ने कहा, ‘बैंक के बंद होने पर पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड के पास अपनी पूरी जमा देनदारी चुकाने के लिए पर्याप्त तरलता है।’ बता दें कि, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को 11 मार्च, 2022 से नए ग्राहकों को जोड़ने से रोक दिया गया है।

लाखों ग्राहकों पर पड़ सकता है असर
पेटीएम पेमेंट्स बैंक के लाइसेंस रद्द होने से सबसे अधिक प्रभावित इसके लाखों ग्राहक होंगे। हालांकि, आरबीआई ने यह स्पष्ट किया है कि ग्राहक अपने खातों में जमा राशि को निकालने के लिए स्वतंत्र हैं। बैंक किसी भी ग्राहक को अपनी जमा राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

  • जमा राशि की निकासी: ग्राहक अपने खातों में जमा राशि को किसी अन्य बैंक खाते में हस्तांतरित कर सकते हैं।
  • लेन-देन पर रोक: किसी भी प्रकार की नई जमा स्वीकार नहीं की जाएगी और न ही किसी भी खाते में क्रेडिट लेन-देन संभव होगा।
  • वॉलेट और फास्टैग: पेटीएम के प्रीपेड वॉलेट और फास्टैग की सेवाओं पर भी इसका असर पड़ेगा। इन सेवाओं को जल्द ही किसी अन्य बैंक के साथ एकीकृत किया जाएगा।
  • नए लाइसेंस की संभावना: भविष्य में बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करना एक लंबी और जटिल प्रक्रिया होगी।
  • विनियमन का महत्व: यह मामला फिनटेक कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है, जो तेजी से बढ़ रही हैं लेकिन उन्हें नियामक ढांचे का सख्ती से पालन करना होगा।

आरबीआई का पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द करने का निर्णय वित्तीय क्षेत्र में नियामक अनुपालन के महत्व को बताता है। इस कदम से लाखों ग्राहकों को तत्काल असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में एक आवश्यक कदम है।

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