दुर्ग। प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिले के प्रभारी सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में नारकोटिक्स नियंत्रण एवं विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली, पानी, आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता के साथ जिले में संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने सभी विभागों को पारदर्शिता, समयबद्धता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में आधुनिक तकनीक और उपकरणों का उपयोग बढ़ाने के साथ मानवीय संवेदनाओं एवं जनहित को सर्वाेपरि रखने पर जोर दिया।
नारकोटिक्स नियंत्रण की समीक्षा के दौरान एनडीपीएस के मामलों, मादक पदार्थों की जब्ती और सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने, तस्करी के नेटवर्क की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष एनडीपीएस के तहत 107 कार्रवाई की गई थी, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 157 हो गई है। इसी प्रकार गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 262 से बढ़कर 330 हो गई है। मादक पदार्थों की जब्ती का मूल्य भी पिछले वर्ष के 1.40 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर इस वर्ष 10.88 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के कुछ मोहल्लों और कुम्हारी के संवेदनशील इलाकों में अवैध नशा कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा टोल-फ्री नंबर 1933 का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेंटिंग प्रतियोगिताओं, नुक्कड़ नाटकों और अन्य जनभागीदारी आधारित गतिविधियों के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही नशे की गिरफ्त में आए लोगों को उपचार, पुनर्वास और समय पर काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा की गई।
जिले के प्रभारी सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा पात्र हितग्राहियों को भूमि पट्टे एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा और बीबीजीआरवाई के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में बालिकाओं के लिए शौचालय निर्माण सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। तहसीलों और ग्राम पंचायतों में नामांतरण, बंटवारा तथा अन्य राजस्व प्रकरणों, विशेषकर एक वर्ष से लंबित मामलों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत द्वारा स्वच्छ भारत मिशन एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कोलिहापुरी में प्लास्टिक कचरे को प्रसंस्कृत कर लम्प्स तैयार किए जा रहे हैं। इस कार्य से स्थानीय स्वच्छता दीदियों और छह समूहों की महिलाओं को रोजगार मिल रहा है।
जिले की चार प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट इकाइयों के माध्यम से अब तक 16,355 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया है। इसमें से 12,287 किलोग्राम कचरे का प्रसंस्करण कर बिक्री की गई, जिससे 2,20,976 रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित हुआ है। प्रभारी सचिव ने जिला पंचायत और नगरीय निकायों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए स्टडी टूर और क्रॉस लर्निंग विजिट आयोजित करने के निर्देश दिए।
वन विभाग की समीक्षा के दौरान स्वामी आत्मानंद मॉडल कॉलेज, बोरी में पौधरोपण तथा तांदुला पार्क में नगर वन एवं हर्बल गार्डन की स्थापना जैसे नवाचारों की जानकारी दी गई। प्रभारी सचिव ने जिला शिक्षा अधिकारी को पीएमश्री सहित अन्य उत्कृष्ट विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, कचरा पेटी और उद्यान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत पात्र गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी पहुंच मार्ग के लिए फोरलेन सड़क निर्माण तथा बालोद से बेमेतरा (दुर्ग-धमधा मार्ग) पर फोरलेन सड़क निर्माण की योजना स्वीकृत की गई है। प्रस्तावित कार्यों में पुराने पुलों के स्थान पर नए फोरलेन पुल और आवश्यकतानुसार फ्लाईओवर का निर्माण भी शामिल है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले बिजली के खंभों और पाइपलाइन जैसी सेवाओं की शिफ्टिंग प्राथमिकता से करने की बात कही गई।
प्रमुख सचिव श्री बोरा ने आयुष्मान वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के कार्ड बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें कैशलेस उपचार की सुविधा मिल सके। इसके साथ ही कुष्ठ रोग, सिकल सेल और टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जारी जांच एवं उपचार कार्यों की समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव श्री बोरा ने नगर निगम आयुक्तों को रैन बसेरों की सुविधाएं बेहतर बनाने तथा शहरी प्रधानमंत्री आवास क्षेत्रों में सामुदायिक भवन, बुजुर्गों के बैठने के लिए बेंच, बच्चों के लिए पार्क और बेहतर जल निकासी व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।

















