मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है, क्योंकि उनकी आठ भुजाएं हैं. उनके हाथों में जपमाला, धनुष, बाण, कमंडल, कमल, अमृत कलश, चक्र और गदा सुशोभित हैं. उनका स्वरूप शक्ति, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि मां की आराधना से भक्तों को स्वास्थ्य, सुख, समृद्धि और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है…
नईदिल्ली (ए)। शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन आज 14 अक्टूबर 2026, बुधवार को मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाएगी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी. जब चारों ओर अंधकार था और सृष्टि का अस्तित्व नहीं था, तब देवी ने अपनी मुस्कान से ब्रह्मांड को उत्पन्न किया. इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और आदिस्वरूपा भी कहा जाता है. मान्यता है कि मां कूष्मांडा की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि, सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार होता है।
मां कूष्मांडा की पूजा के शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है. मान्यता है कि शुभ समय में पूजा-पाठ और मंत्र जाप करने से साधक को विशेष फल प्राप्त होता है. 14 अक्टूबर 2026 को पूजा के लिए ये मुहूर्त रहेंगे.
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:54 से 05:43 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 से दोपहर 12:30 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:22 से 03:09 बजे तक
- अमृत काल: दोपहर 04:14 से शाम 05:57 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:17 से 06:42 बजे तक
नवरात्रि के चौथे दिन का महत्व
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है. देवी को ऊर्जा, सृजन और प्रकाश का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा सूर्यलोक में निवास करती हैं और सूर्य के समान तेजस्वी हैं. उनकी आराधना से भक्तों को मानसिक बल, सकारात्मक सोच और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है. भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
मां कूष्मांडा की पूजा का शुभ रंग
नवरात्रि के चौथे दिन का शुभ रंग पीला माना जाता है. पीला रंग ऊर्जा, ज्ञान, प्रकाश और सकारात्मकता का प्रतीक है. इस दिन पीले वस्त्र धारण करके मां की पूजा करना शुभ माना जाता है. भक्त मां को पीले फूल और अपनी श्रद्धा के अनुसार भोग अर्पित कर सकते हैं. हालांकि, पूजा में सबसे अधिक महत्व श्रद्धा और भक्ति का माना जाता है।
मां कूष्मांडा के प्रिय मंत्र
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा के मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. भक्त पूजा के दौरान इन मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप कर सकते हैं.
मां कूष्मांडा का मंत्र:
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
मां कूष्मांडा का बीज मंत्र:
ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नमः
मां कूष्मांडा का स्तुति मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा की भक्ति और मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है तथा भक्तों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.

















