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आज पवित्र माह सावन का दूसरा सोमवार: बन रहे हैं बेहद शुभ संयोग, इस मुहूर्त में करें महादेव की पूजा

शुभ योग और नक्षत्र के संयोग में सावन का दूसरा सोमवार का व्रत रखा जाएगा। इस मुहूर्त में महादेव की उपासना करना अत्यंत फलदायी होगा। तो जानिए सावन के दूसरे सोमवार को पड़े वाले शुभ संयोगों के बारे में…

वाराणसी (ए)। आज 29 जुलाई को सावन के दूसरे सोमवार का व्रत रखा जाएगा। सावन सोमवार व्रत का विशेष महत्व है। कहते हैं कि सावन में पड़ने वाले सोमवार के उपवास रखने से भगवान शिव भक्तों की सभी अधूरी इच्छाएं पूरी कर देते हैं। इस बार सावन के दूसरे सोमवार को कई शुभ योग और नक्षत्र का संयोग बन रहा है। इन शुभ योगों में शिवजी की पूजा-उपासना करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी। तो आइए जानते हैं  शुभ संयोग और मुहूर्त के बारे में।

सावन के दूसरे सोमवार को बन रहे हैं ये शुभ योग और नक्षत्र

  • ब्रह्म मुहूर्त- 29 जुलाई 2024 को सुबह 04 बजकर 17 मिनट से लेकर 04 बजकर 59 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त- 29 जुलाई को दोपहर 11 बजकर 48 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 42 मिनट तक
  • भरणी नक्षत्र- 29 जुलाई को सुबह 10 बजकर 55 मिनट तक, उसके बाद से कृत्तिक नक्षत्र लग जाएगा
  • गण्ड योग- सोमवार सुबह से शाम 05 बजकर 55 मिनट तक है, इसके बाद वृद्धि योग प्रारंभ होगा
  • अमृत काल का समय-  29 जुलाई को सुबह 06 बजकर 17 मिनट से सुबह 07 बजकर 50 तक

सावन सोमवार पूजा नियम 

  • सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
  • घर की साफ-सफाई करें और पूजा स्थल को साफ कर शुद्ध कर लें
  • शहद, दूध, दही, घी और जल से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • इसके बाद शिवलिंग पर बेल पत्र, धतूरा, और भांग आदि पूजा सामग्री चढ़ाएं।
  • भगवान शिव की पूजा करने के बाद, भगवान गणेश और माता पार्वती की भी पूजा करें।
  • अब शिव चालीसा का पाठ करें और पूजा के बाद आखिर में आरती कर मंत्रों का जाप करें।
  • सावन सोमवार का व्रत रख रहे हैं तो अन्न का सेवन न करें। दिन में एक समय फलाहार करें।

सावन सोमवार के दिन इन शिव मंत्रों का करें जाप

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

ॐ नमः शिवाय॥

सावन दूसरे सोमवार के दिन इस समय करें रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक के लिए शिववास देखा जाता है। दूसरे सावन सोमवार पर शिववास सुबह से लेकर शाम 05 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। बता दें कि रुद्राभिषेक किसी भी सोमवार को किया जा सकता है लेकिन सावन सोमवार के दिन करना अति उत्तम माना जाता है।

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