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केंद्रीय गृह मंत्रालय का बड़ा एक्शन, पार्ट टाइम जॉब के नाम पर लोगों को ठगने वाली 100 से ज्यादा वेबसाइट किया बैन

देश में बढ़ रहे साइबर क्राइम को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने फिर कार्रवाई की है. गृह मंत्रालय ने पार्ट टाइम जॉब फ्रॉड कर रही सैकड़ों वेबसाइट को बैन कर दिया है…

नईदिल्ली (ए)। कोरोना काल के बाद लोगों ने वर्क फ्रॉम होम और पार्ट टाइम जॉब को कुछ ज्यादा ही सर्च करना शुरू कर दिया था. इस ट्रेंड पर ठगों की नजर भी पड़ी और उन्होंने घर बैठे पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर पिछले कुछ समय से लोगों को ठगना शुरू कर दिया था. इस तरह के साइबर क्राइम की खबरें पूरे देश से आ रही थीं. ऐसी फर्जी कंपनियां आपको काम के बदले अच्छे पैसे का लालच देकर फंसा लेती थी. इनके झांसे में आकर पिछले कुछ समय में कई लोगों के बैंक अकाउंट खाली हो गए. अब इन फर्जी वेबसाइट पर सरकार ने सख्त एक्शन लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने धोखाधड़ी में लिप्त 100 से ज्यादा ऐसी वेबसाइट को बैन कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, इन वेबसाइट को देश के बाहर से चलाया जा रहा था. इनके जरिए अवैध निवेश भी कराए जा रहे थे. ये चैट मैसेंजर और डिजिटल विज्ञापनों के जरिए लोगों को जाल में फांसती थीं. नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिसिस यूनिट (NCTAU) के इंडियन साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने पिछले हफ्ते इन वेबसाइट की पहचान की थी. सेंटर ने इन्हें बंद करने की सिफारिश भेजी थी जानकारी के अनुसार, ये वेबसाइट यूजर्स को गलत तरीके से जॉब और निवेश का ऑफर देकर ठगी का शिकार बना रही थीं. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत इन वेबसाइट को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ब्लॉक किया।

रिपोर्ट में बताया गया कि विदेश में बैठे लोग इन वेबसाइट से लोगों को फंसाने के लिए डिजिटल विज्ञापन, चैट मैसेंजर्स और किराए पर लिए गए अकाउंट की मदद ले रहे थे. धोखाधड़ी से आई रकम को ये लोग क्रिप्टो करेंसी, विदेशों में एटीएम निकासी और अंतराष्ट्रीय फिनटेक कंपनियों के जरिए निकाल लेते थे. ऐसी गतिविधियों से निपटने के लिए ही गृह मंत्रालय ने I4C का गठन किया था।

इससे पहले नवंबर में 22 अवैध सट्टा एप और वेबसाइट पर प्रतिबन्ध लगाया गया था इनमें महादेव बुक भी शामिल था, जिसके चलते देश की राजनीति में खलबली मच गई थी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पर सवाल उठे थे. इसके बाद ईडी ने कई जगह छापेमारी भी की थी।

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