दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

जल जीवन मिशन के निर्माणाधीन एवं अधूरे कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने कलेक्टर ने दिए निर्देश

दुर्ग। कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जल जीवन मिशन के कार्याें की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक घरों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हमारी पहली प्राथमिकता है। कलेक्टर ने मिशन के तहत पाईप लाईन विस्तार, पानी टंकी एवं जल कर की समीक्षा की। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी निर्माण एजेंसियों को निमार्णाधीन एवं अधूरे कार्याें को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष रह गए कार्यांे को शीघ्र ही पूर्ण करने को कहा।

बैठक में कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उपअभियंता, जिला समन्वयक समेत समूह योजनाओं के ठेकेदार एवं तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्सी के सदस्य मौजूद थे। कलेक्टर सुश्री चौधरी द्वारा जिले में स्वीकृत 07 समूह जल प्रदाय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई एवं ठेकेदारों को बारिश से पूर्व कार्याें में प्रगति लाने एवं समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये। तृतीय पक्ष निरीक्षण एजेन्सियों को ठेकेदारों द्वारा किये जा रहे कार्य की गुणवत्ता उचित मापदण्ड का हो तथा उसमें किसी भी तरह की समझौता न किया जाए, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपअभियंता एवं सहायक अभियंता को जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सतत् निगरानी करने एवं धीमी गति के कार्यों पर अंतिम नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

इस संबंध में 02 ठेकेदारों मेसर्स जेड आर. कंस्ट्रक्शन, मेसर्स नंदकुमार चंद्राकर को अंतिम नोटिस जारी करने एवं कार्य में गति न लाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मिशन अंतर्गत चल रहे कार्यों में आ रही रुकावटें एवं समस्याएं को दूर करने हेतु जैसे रोड कटिंग हेतु लोक निर्माण विभाग, विद्युत कनेक्शन हेतु बिजली विभाग एवं हर घर-जल प्रमाणीकरण, रख-रखाव निगरानी एवं जल स्रोतों के रिचार्ज हेतु पंचायत विभाग से समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कार्य पूर्ण हो चुके ग्रामों में आगामी 02 माह में हर घर-जल प्रमाणीकरण एवं हस्तातरण किये जाने के निर्देश दिए गए।

गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) की जिला स्तरीय सलाहकारी समिति की बैठक सम्पन्न: कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 के अंतर्गत पीसीपीएनडीटी जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि अधिनियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य गर्भधारण से पहले या बाद में लिंग चयन तकनीकों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना और लिंग चयन गर्भपात के लिए प्रसव पूर्व निदान तकनीक के दुरुपयोग को रोकना है।

कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले के सभी सोनोग्राफी सेंटरों में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूर्णतः पालन किया जाना सुनिश्चित कराने को कहा। साथ ही सोनोग्राफी सेंटरों में डॉक्टरों की ड्यूटी लगी होनी चाहिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ.आर.के. खण्डेलवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. उज्जवला देवांगन, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. संध्या नगरिया, समाज सेवी डॉ. वैशाली भगत एवं श्रीमती रश्मि लखोटिया उपस्थित थीं।

 

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