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मोदी सरकार खुले बाजार में बेचेगी 20 लाख टन गेहूं, महंगे गेहूं-आटा की कीमतों से मिलेगी राहत

गेहूं के दामों में कमी लाने के लिए एफसीआई खुले बाजार में 20 लाख टन गेहूं बेचेगी, सबसे पहले आटा मिल मालिकों को ये गेहूं बेचा जाएगा…

नईदिल्ली (ए)। आने वाले दिनों में आपके थाली की रोटी सस्ती हो सकती है. क्योंकि गेहूं के दामों में कमी आ सकती है. गेहूं के दामों में जारी उछाल पर काबू पाने के लिए मोदी सरकार अपने स्टॉक से खुले बाजार में गेहूं बेचने की तैयारी कर रही है. फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानि एफसीआई अपने स्टॉक से खुले बाजार में 20 लाख टन गेहूं ओपेन मार्केट सेल स्कीम के तहत बेचेगी. एफसीआई थोक और रिटेल बाजार में गेहूं और आटा के दामों में कमी लाने के लिए आटा मिलों को ये गेहूं बेचेगी।

दरअसल पिछले हफ्ते सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को बंद कर दिया है. अब सरकार खाद्य सुरक्षा के तहत 81 करोड़ परिवारों को मुफ्त 5 क्लो अनाज उपलब्ध करायेगी. सरकार के इस फैसले के बाद एफसीआई के पास 113 लाख टन गेहूं का स्टॉक उसके वेयरहाउस में होगा जो बफर स्टॉक की सीमा 74 लाख टन से ज्यादा है.  एफसीआई छोटे आटा मिल मालिकों को सबसे पहले गेहूं उपलब्ध करायेगी।

2022 में गेहूं के दामों में भारी उछाल: गेहूं और आटा के दामों में भारी उछाल के बाद लगातार आटा मिल मालिक सरकार से ओपेन मार्केट सेल स्कीम के तहत गेहूं उपलब्ध कराने की मांग कर रही थी. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 26 दिसंबर को गेहूं के दाम थोक बाजार में 2877 रुपये प्रति क्विंटल पर जा पहुंचा है जबकि 26 नवंबर को कीमत 2719 रुपये प्रति क्विंटल था. थोक बाजार में आटा का भाव 3219 रुपये प्रति क्विंटल पर जा पहुंचा जो 26 सितंबर को 3219 रुपये प्रति क्विंटल था।

जनवरी 2023 में गेहूं बेचने का फैसला: माना जा रहा है कि एफसीआई 2250 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर गेहूं खुले बाजार में बेचेगी जिसमें ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट शामिल है. 2018-19 में एफसीआई ने 81 लाख टन गेहूं ओपेन मार्केट में बेचा था जो 2020-21 में घटकर 25 लाख टन रह गया था. जबकि बीते साल 70 लाख टन गेहूं बेचा गया था।

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