मई महीने की शुरुआत के साथ ही आम लोगों की जिंदगी से जुड़े कई बड़े नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का असर सीधे आपकी जेब, रोजमर्रा के खर्च और बैंकिंग से जुड़े कामों पर पड़ेगा। गैस सिलेंडर की कीमत से लेकर ATM से पैसे निकालने और UPI पेमेंट तक कई चीजें अब पहले जैसी नहीं रहेंगी…
नईदिल्ली (ए)। 1 मई 2026 की शुरुआत आम जनता लिए कई बड़े वित्तीय बदलाव लेकर आई है। हर महीने की पहली तारीख को सरकारी और निजी संस्थाएं अक्सर नियमों की समीक्षा करती हैं, लेकिन इस बार का बदलाव सीधे आम आदमी के किचन से लेकर उसके डिजिटल वॉलेट तक असर डाल रहा है।
शुक्रवार 1 मई से एलपीजी (LPG), सीएनजी (CNG), पीएनजी (PNG) की कीमतों के साथ-साथ यूपीआई (UPI) और क्रेडिट कार्ड के नियमों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं।
LPG सिलेंडर और डिलीवरी
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को नए रेट जारी करती हैं, जिससे घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव की संभावना है। इसके साथ ही, अब डिलीवरी के लिए OTP आधारित सिस्टम को पूरी तरह लागू किया जा सकता है और बुकिंग नियमों में भी बदलाव संभव है।
हवाई ईंधन और CNG-PNG
एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दामों में संशोधन हो सकता है, जिसका सीधा असर हवाई सफर के खर्च पर पड़ेगा। साथ ही, CNG और PNG की कीमतों में बदलाव से वाहन चलाने वालों और रसोई के बजट पर असर पड़ सकता है।
ATM से कैश निकालना
RBI की मंजूरी के बाद अब फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने पर हर बार कैश निकालने के लिए 21 रुपये के बजाय 23 रुपये का शुल्क देना होगा। अपने बैंक के ATM पर 5 और दूसरे बैंक के ATM पर मेट्रो शहरों में 3 व नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा बरकरार रहेगी।
SBI क्रेडिट कार्ड नियम
लेट पेमेंट चार्ज में बदलाव किया गया है, जिसके तहत 500 से 1000 रुपये तक के बकाया पर अब 500 रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा, BPCL SBI कार्ड की एनुअल फीस माफी के लिए अब सालाना 1 लाख रुपये खर्च करने होंगे, जो पहले 50,000 रुपये था।
ऑनलाइन गेमिंग पर सख्ती
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए नई निगरानी संस्था बनाई है और गेम्स को तीन श्रेणियों (मनी गेम्स, सोशल गेम्स और ई-स्पोर्ट्स) में बांट दिया है। पैसे से जुड़े गेम्स के लिए अब रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और लेनदेन पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
गैस और ईंधन की कीमतों में फेरबदल
मई महीने की शुरुआत में सबसे बड़ा झटका कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों को लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है, जिससे रेस्टोरेंट और बाहर का खाना महंगा होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में भी मामूली संशोधन देखा गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है ताकि आम परिवारों के बजट पर एकदम से बोझ न पड़े। ईंधन की इन कीमतों में बदलाव का सीधा असर ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स पर भी पड़ता है, जो अंततः रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित करता है।
यूपीआई और डिजिटल लेनदेन के नए नियम
डिजिटल इंडिया के दौर में यूपीआई लेनदेन को लेकर भी 1 मई से कुछ नए दिशा-निर्देश लागू हुए हैं। अब बड़े लेनदेन के लिए सुरक्षा के अतिरिक्त स्तर जोड़े गए हैं। फ्रॉड को रोकने के लिए कुछ विशेष प्रकार के ट्रांजैक्शन पर अब प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को और सख्त किया गया है। इसका मतलब है कि अब आपको पेमेंट करते समय कुछ अतिरिक्त चरणों का पालन करना पड़ सकता है, लेकिन यह आपकी जमा पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए एक जरूरी कदम है। इसके अलावा, कुछ थर्ड-पार्टी ऐप्स ने अपने प्लेटफॉर्म पर होने वाले लेनदेन के शुल्क ढांचे में भी बदलाव किया है, जिसकी जानकारी आपको ऐप अपडेट करते समय मिल जाएगी।
जेट फ्यूल (ATF) और एक्सपोर्ट ड्यूटी
सरकार ने हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर ₹33 प्रति लीटर की ड्यूटी निर्धारित की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, क्योंकि तेल कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठाने का फैसला किया है। इससे हवाई किराए स्थिर रहने की उम्मीद है।

















