रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी के नेतृत्व में रायपुर जिले की स्वास्थ्य संस्थाएं गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल की है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (National Quality Assurance Standards-NQAS) के अंतर्गत जिले की 99 स्वास्थ्य संस्थाओं को प्रमाणन प्राप्त हो चुका है| इसके अलावा 2 स्वास्थ्य संस्थानों का परिणाम भारत सरकार से प्राप्त होना बाकि है तथा 3 अन्य संस्थानों का राष्ट्रीय मूल्याङ्कन होना बाकि है ।
NQAS भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित गुणवत्ता मूल्यांकन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित, सुलभ, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करना है। प्रमाणन प्रक्रिया के अंतर्गत विशेषज्ञ दल द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों का विभिन्न मानकों पर विस्तृत मूल्यांकन किया जाता है।
मूल्यांकन के दौरान मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, उपचार एवं जांच सेवाओं की गुणवत्ता, दवा उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण, स्वच्छता, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, उपकरणों का रखरखाव, मानव संसाधन प्रबंधन तथा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली सहित अनेक बिंदुओं की गहन समीक्षा की जाती है। निर्धारित न्यूनतम अंक प्राप्त करने के बाद ही किसी स्वास्थ्य संस्था को NQAS प्रमाणन प्रदान किया जाता है।
कलेक्टर डॉ. सिंह ने इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग, सामूहिक प्रयास और बेहतर कार्यप्रणाली के कारण जिले की स्वास्थ्य संस्थाएं गुणवत्ता के नए मानक स्थापित कर रही हैं तथा भविष्य में भी उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने कहा कि NQAS प्रमाणन केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति स्वास्थ्य विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि जिले में मरीजों की सुरक्षा, संक्रमण नियंत्रण, स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा सेवा प्रदायगी की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है।जिसके परिणामस्वरूप आज रायपुर प्रदेश में सर्वाधिक NQAS प्रमाणित स्वास्थ्य संस्थानों वाला पहला जिला बन गया है।



















