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आईएएस सुरुचि सिंह संभालेंगी भिलाई निगम की कमान, प्रधानमंत्री मोदी कर चुके है तारीफ

भिलाई। राज्य सरकार द्वारा जारी नवीन प्रशासनिक तबादला आदेश के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण किए गए हैं। इसी क्रम में वर्ष 2020 बैच की आईएएस अधिकारी सुरुचि सिंह को नगर पालिक निगम भिलाई का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में अपनी सेवाएं दे रही थीं।

दिल्ली की मूल निवासी सुरुचि सिंह अपनी कार्यकुशलता और प्रशासनिक क्षमता के लिए तेजतर्रार अधिकारी जानी जाती हैं। उन्होंने बी.ए. एवं एलएलबी (ऑनर्स) की शिक्षा प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी का निर्णय लिया और कड़ी मेहनत के कारण अपने तीसरे ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा में सफलता प्राप्त कर 432वीं रैंक हासिल किया।

सुरुचि ने 2015 में ग्रेजुएशन पूरी कर डिग्री हासिल की, जिसके बाद उन्होंने 2 साल लूथरा एंड लूथरा लॉ फर्म में काम किया. हालांकि, उनका झुकाव अभी भी कहीं न कहीं सिविल सर्विसेज की तरफ ही था। 2 साल की नौकरी छोड़ने के बाद सुरुचि सिंह यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं. 2017 में उन्होंने पहला प्रयास किया, लेकिन असफल रहीं. 2018 में दूसरा प्रयास किया, जहाँ वह आईआरएस अफसर बनीं। फिर अपने तीसरे प्रयास में आईएएस बनी।

सुरुचि सिंह का प्रशासनिक अनुभव भी काफी प्रभावशाली रहा है। छत्तीसगढ़ कैडर मिलने के बाद उन्होंने बस्तर में सहायक कलेक्टर तथा बेमेतरा में एसडीएम के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। उनके नेतृत्व में विकसित ‘मातृभूमि GOS’ ऐप को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और इसकी प्रशंसा स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तक ने की।

सुरुचि के पिता कृष्णपाल सिंह भी आईएएस रह चुके हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मध्यप्रदेश कैडर से की थी। उस वक्त मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही राज्य था, जिसकी वजह से कृष्णपाल सिंह की पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के कई शहरों में भी हुई। अपने पिता को देश की जनता की सेवा करते देख सुरुचि के मन में भी एक अधिकारी बनने का ख्वाब जागा। उनकी मां बैंकर थीं, जिनकी नौकरी के चलते सुरुचि सिंह दिल्ली आईं. यहीं से उन्होंने अपनी 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी की। BA.LLB के लिए वह बैंगलोर चली गईं।

आईएएस सुरुचि सिंह ने लोकसभा चुनाव के दौरान राजनांदगांव जिले में रिकॉर्ड 80.09 प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके लिए उन्हें राज्य स्तरीय विशेष सम्मान से भी नवाजा गया।

राजनांदगांव जिला पंचायत के सीईओ के रूप में उन्होंने महतारी वंदन योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके नेतृत्व में कई विकास कार्यों को गति मिली और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर संचालन की सराहना हुई।

अब भिलाई नगर निगम की जिम्मेदारी मिलने के बाद शहर के विकास कार्यों, नागरिक सुविधाओं में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर उनसे काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं।

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