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पुरानी भिलाई थाना में नए कानूनों के क्रियान्वयन उत्सव कार्यक्रम का आयोजन कर हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया

भिलाई 03। सोमवार 01 जुलाई 2024 से लागू होने वाले नवीन कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का क्रियान्वयन उत्सव कार्यक्रम का आयोजन पुरानी भिलाई थाना में किया गया। कार्यक्रम के दौरान छावनी सीएसपी हरीश पटेल और थाना प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव ने उपस्थित लोगो को नवीन कानून के संबंध में विस्तृत जानकारी देकर बताया कि नवीन भारतीय न्याय संहिता का उद्देश्य आम जनता को त्वरित रूप से न्याय दिलाकर राहत प्रदान करना है, इसलिए नवीन कानून के बारे में सभी पुलिस अधिकारियों एवम सभी जनता को जानकारी होना बहुत आवश्यक है। अपराधियों के लिए नए कानून में गंभीर सजा का प्रावधान किया गया है।

सीएसपी ने बताया कि आईपीसी की धाराओं की संख्या 511 से घटाकर बीएनएस में 358 कर दी गई है। महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधो को एक अध्याय में समेकित किया गया है। धारा 69 झूठे वादे पर यौन संबंध बनाने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। धारा 70 (2) सामूहिक बलात्कार की सजा में मृत्यदंड का प्रावधान किया गया है।

सीएसपी ने बताया कि सीआरपीसी में 484 धाराएं थी जिसे बीएनएनएस बढ़ाकर 531 की गई है। 177 धाराओं को प्रतिस्थापित किया गया है, 9 धाराएं जोड़ी गई है जबकि 14 धाराएं निरस्त की गई है। धारा 173 में जीरो एफआईआर और ई- एफआईआर का प्रावधान है।धारा 176 (1) (ख) मे कानुन ऑडियो वीडियो के माध्यम से पीड़ित को बयान रिकार्डिंग का अधिकार है।

सीएसपी ने बताया कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम में धाराओं की संख्या बढ़ाकर 170 की गई है। जिसमे 24 धाराएं बदली गई है, दो धाराएं जोड़ी गई है जबकि छह धाराएं निरस्त की गई है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा ने नवीन कानूनो को क्रियान्वयन उत्सव का शुभारंभ किया गया। उपस्थित लोगो अपराध की विस्तृत जानकारी देते हुए सीएसपी ने बताया कि जमानती धारा में आरोपी को जमानत का अधिकार है जिसके संबंध में लोगो को बारिकी से जानकारी दिया गया। नवीन कानून के अंतर्गत आवेदक/शिकायतकर्ता को उसके द्वारा की गई रिपोर्ट की प्रगति की जानकारी समय-समय पर पुलिस द्वारा उपलब्ध कराया जावेगा।

छावनी सीएसपी ने उपस्थित लोगो को बताया कि भारतीय दण्ड संहिता 1860 के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के स्थान पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के स्थान पर भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को अधिसूचित किया गया है। इन नए कानूनों का उद्देश्य औपनिवेशिक कानूनों में बदलाव, नागरिक केन्द्रित, अभियुक्त केन्द्रित, पीड़ित केन्द्रित कानून एवं कल्याणकारी अवधारणा, अभियोजन को मजबूती प्रदान करना, न्याय को नागरिक अनुकूल बनाना, उचित नियंत्रण और संतुलन के साथ पुलिस का सामंजस्यपूर्ण बनाना, प्रक्रियाओं की सरलता एवं संक्षिप्त ट्रायल को सरल बनाना, अनुसंधान में वैज्ञानिक तकनीक (फोरेंसिक), डिजीटल एवं इलेक्ट्रानिक साक्ष्य के प्रावधान के साथ समयबद्ध प्रक्रिया का पालन किया जाना है। नए कानूनों में पुराने प्रचलित संहिताओं की धारा संख्या में परिवर्तन के साथ कई स्थानों में परिभाषाओं और प्रक्रियाओं में समयानुकूल परिवर्तन किए गए हैं। जिससे कानूनी प्रक्रिया सरल हो।

नवीन कानून के क्रियान्वयन उत्सव कार्यक्रम में पुरानी भिलाई थाना में बतौर अतिथि भिलाई चरोदा निगम सभापति कृष्णा चंद्राकर, प्रशिक्षु आईएएस एम.भार्गव, निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत,तहसीलदार पवन ठाकुर एवं रिटायर्ड पुलिस निरीक्षक जेएल साहू शामिल हुए।

विधायक डोमन लाल कोरसेवाडा, सभापति कृष्णा चंद्राकर, निगम आयुक्त दशरथ सिंह राजपूत, प्रशिक्षु आईएएस एम. भार्गव, सुषमा जेठानी, जेएल साहू, सुजीत बघेल, वकील गणेश शुक्ला ने भी उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए नए कानून का स्वागत किया और इसमें किए गए बदलाव की सराहना करते इसके बारे में अपना अनुभव लोगो से साझा किया।

मंच का संचालन थाना प्रभारी निरीक्षक महेश ध्रुव द्वारा किया गया। अंत में सभी ने एक स्वर में राष्ट्रगीत गाया। कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रतिनिधि दिलीप पटेल, पार्षद फिरोज फारूखी, बहल राम साहू, संजय यादव, गुलशन ढिंडे, प्रेमलाल साहू, सुजीत बघेल, चंद्र प्रकाश पांडेय, विनीता शिंदे, सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक सहित थाना स्टॉफ उपस्थित रहे।

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