दुर्ग (सारनाथ एक्सप्रेस)। महिला पुलिस अधिकारी न केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, बल्कि वे समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। कठिन परिस्थितियों में भी वे धैर्य, साहस और समझदारी से काम करती हैं। महिला पुलिस अधिकारी यह साबित करती हैं कि सेवा, साहस और नेतृत्व किसी एक लिंग तक सीमित नहीं है। उनका समर्पण पूरे समाज को सुरक्षित और मजबूत बनाता है। महिला दिवस पर सारनाथ एक्सप्रेस ने उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) तनुप्रिया ठाकुर से विशेष बातचीत की।
डीएसपी तनुप्रिया ठाकुर की प्रारंभिक और हायर सेकेंडरी तक की शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, बालोद में हुई। वर्ष 2013 से 2017 तक उन्होंने एनआईटी कॉलेज रायपुर से बीटेक किया और अपने पहले ही प्रयास में वर्ष 2017 के सीजी पीएससी में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर चयनित हुई।
एकेडमिक ट्रेनिंग के बाद प्रशिक्षु जिला बालोद मिला, जहां उन्होंने एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दी। वर्ष 2022 से 2026 तक उन्होंने राजनांदगांव जिले में सेवाएं दी, इस दौरान वे डीएसपी अजाक, डीएसपी हेड क्वार्टर, डीएसपी लाईन के पद पर पदस्थ रही। वर्तमान में वह उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) दुर्ग के पद पर पदस्थ है।
बुक रीडिंग,म्यूजिक में विशेष रुचि रखने वाली और आईपीएस किरण बेदी को अपना आदर्श मानने वाली डीएसपी तनुप्रिया ठाकुर ने महिला दिवस पर महिलाओं को संदेश दिया है कि महिलाएं अपनी योग्यता को कम ना आंके, हमेशा महत्वकांक्षी बने रहे। अपने लक्ष्य को ऊंचा निर्धारित कर कार्य करे। अपने आस पास की महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें ताकि वो भी सफल हो सके।
वही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए डीएसपी ने कहा कि अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपना पूरा सौ प्रतिशत देवे। हमेशा डिसिप्लिन मेंटेन करे। अपने ध्यान को भटकने ना देवे। बिना तनाव के पढ़ाई करे और अपने कमज़ोर कड़ी को स्ट्रांग करे

















