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टिकट कैंसिल, PAN, फास्‍टैग और LPG सहित 1 अप्रैल से बदल रहे ये कई बड़े नियम, जिसका सीधा असर होगा आपके जेब पर

आज बुधवार, 1 अप्रैल 2026 से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है. साल बदलते ही हमारे खर्चों और बजट से जुड़े कई बड़े नियम भी बदल गए हैं. नया इनकम टैक्स कानून और नया लेबर कोड समेत ये तमाम बदलाव आज से ही लागू हो चुके हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब और घर के बजट पर पड़ने वाला है…

 

नईदिल्ली (ए)। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ 1 अप्रैल 2026 से देश में श्रम और टैक्स सिस्टम से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं. इनमें नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 संशोधित रिबेट लिमिट, बैंकिंग और ट्रैवल से जुड़े नियम शामिल हैं. इन बदलावों का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा. इसलिए इनके बारे में पहले से जानकारी होना जरूरी है।

1.इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू: ये नया कानून 60 साल पुराने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा. इसका मकसद टैक्स सिस्टम को आसान बनाना और ग्लोबल स्टैंडर्ड के अनुरूप लाना है. अब ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ की जगह ‘टैक्स ईयर’ का इस्तेमाल होगा. यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की आय को टैक्स ईयर 2026-27 कहा जाएगा. इसके अलावा सेक्शन की संख्या 819 से घटाकर 536 और चैप्टर 47 से घटाकर 23 कर दिए गए हैं।

2. ज्यादा टैक्स रिबेट का फायदा: नए टैक्स सिस्टम में 12 लाख रुपये तक की आय पर प्रभावी रूप से कोई टैक्स नहीं देना होगा. ये फायदा Section 87A के तहत बढ़े हुए रिबेट के कारण मिलेगा. इसके साथ ही 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन सैलरीड लोगों को एडिशनल राहत देगा।

3. TDS फॉर्म में बदलाव: 1 अप्रैल 2026 से फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 और फॉर्म 16A की जगह फॉर्म 131 लागू होगा. इसका उद्देश्य टैक्स डॉक्यूमेंटेशन को आसान बनाना और सैलरी और ब्याज आय की रिपोर्टिंग को बेहतर करना है।

4. PAN कार्ड के नियम सख्त: अब PAN आवेदन के लिए आधार कार्ड जन्मतिथि का पर्याप्त प्रमाण नहीं होगा. आवेदकों को 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जैसे लीगल दस्तावेज देने होंगे।

5. सॉवरेन गोल्ड बांड्स (SGB) में बदलाव: अब SGB पर टैक्स छूट केवल RBI की प्राइमरी इश्यू से खरीदे गए निवेश पर ही मिलेगी. स्टॉक एक्सचेंज से खरीदे गए SGB पर मुनाफा टैक्सेबल होगा. इस पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन या शॉर्ट टर्म गेन के रूप में टैक्स लगेगा।

6. विदेशी यात्रा पर TCS दरों में बदलाव: पहले 7 लाख रुपये तक 5% और उससे अधिक पर 20% TCS लगता था. अब 1 अप्रैल से सभी अंतरराष्ट्रीय टूर पैकेज पर 2% फ्लैट TCS लगेगा, वो भी बिना किसी न्यूनतम सीमा के।

7. ATM निकासी नियमों में बदलाव: कई बैंकों ने ATM नियम अपडेट किए हैं. HDFC बैंक अब UPI ATM ट्रांजैक्शन को फ्री लिमिट में शामिल करेगा, जबकि 5 फ्री ट्रांजैक्शन के बाद प्रति निकासी 23 रुपये शुल्क लगेगा. बंधन बैंक मेट्रो शहरों में 3 और नॉन-मेट्रो में 5 फ्री ट्रांजैक्शन देगा. इसके बाद 23 रुपये शुल्क लगेगा. कम बैलेंस के कारण फेल ट्रांजैक्शन पर 25 रुपये तक चार्ज लग सकता है।

8. रिवाइज्ड ITR की नई डेडलाइन: अब टैक्सपेयर्स को रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 12 महीने का समय मिलेगा. ये पहले 9 महीने था. हालांकि, 9 महीने के बाद फाइल करने पर पेनल्टी लगेगी।

9. LPG कीमतों में बदलाव संभव: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते 1 अप्रैल से LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

10. ट्रेन टिकट कैंसिलेशन नियम सख्त: इंडियन रेलवे ने रिफंड नियमों को सख्त कर दिया है. अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा, जबकि पहले ये सीमा 4 घंटे थी।

11. शेयर बाजार में ज्‍यादा टैक्‍स: अगर आप F&O ट्रेडिंग करते हैं तो 1 अप्रैल से सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) ज्‍यादा देना पड़ेगा. सरकार ने बजट के दौरान ही इस टैक्‍स में बढ़ोतरी का ऐलान किया था. फ्यूचर पर एसटीटी 150 फीसदी और ऑप्‍शन पर एसटीटी करीब 50 फीसदी बढ़ाया गया है।

12. FASTag का एनुअल पास महंगा: कुछ समय पहले सरकार ने फास्‍टैग के लिए एनुअल पास लागू किया था, जिसके तहत 3000 रुपये में 200 ट्रिप की सुविधा दी गई थी. उसकी कीमत आज से बढ़ गई है. हाईवे टोल के लिए FASTag का एनुअल पास महंगा हो गया है, जो ₹3000 से बढ़कर ₹3075 हो जाएगा।

13. नया लेबर कोड: नया लेबर कोड 1 अप्रैल से पूरे देश में प्रभावी हो रहा है, जिसके तहत आपकी बेसिक सैलरी 50 फीसदी रखना जरूरी है. ऐसे में पीएफ का कंट्रीब्‍यूशन बढ़ सकता है और आपकी टेक होम सैलरी कम हो सकती है।

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