जीआरपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग को इसकी सूचना दे दी है। अब आयकर विभाग इस बात की जांच करेगा कि बरामद की गई रकम वैध है या नहीं और इसके स्रोत क्या हैं। फिलहाल, पुलिस ने यात्री को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है…
वाराणसी(ए)। वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बलों को सफलता हाथ लगी है. GRP और आरपीएफ (RPF) की संयुक्त टीम ने सघन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के पास से लगभग 16 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की है. थाना प्रभारी राजौल नागर ने बताया कि आरोपी एक बैग में बड़ी मात्रा में कैश भरकर ले जा रहा था, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह पैसा वास्तव में किसका है और इसे कहां पहुंचाया जाना था।
मामला वाराणसी का है, जहां जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने नियमित जांच प्रक्रिया के दौरान इस व्यक्ति को दबोचा. संयुक्त टीम स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 08 और 09 पर काशी की तरफ गश्त कर रही थी, तभी एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में खड़ा दिखाई दिया. टीम ने जब उसकी तलाशी ली, तो उसके पास मौजूद ट्रॉली बैग और पिट्ठू बैग में नोटों की गड्डियां मिलीं. पूछताछ में व्यक्ति की पहचान शाहजहांपुर के तिलहर निवासी रवि गुलाटी के रूप में हुई है।
हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में कैश और वह भी छोटे नोटों में ले जाने के पीछे का स्पष्ट कारण वह तुरंत नहीं बता सका, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया। जो तिलहर, शाहजहांपुर का निवासी है। वह बनारस से बेगमपुरा ट्रेन के जरिए शाहजहांपुर जा रहा था।
नोट बदलवाने का बनाया बहाना: पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बनारस से बेगमपुरा ट्रेन के जरिए शाहजहांपुर जाने की फिराक में था. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रवि गुलाटी ने दावा किया है कि उसकी तिलहर में कॉस्मेटिक की दुकान है और वह पुराने नोट बदलवाकर वापस जा रहा था. हालांकि, इस बड़ी रकम के संबंध में वह कोई भी वैध कागजात या सबूत पेश नहीं कर पाया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का लोकेशन पहले भी कई बार वाराणसी में मिला है, जबकि वह पहली बार आने का दावा कर रहा था।
आयकर विभाग की जांच शुरू: पुलिस ने इस मामले की जानकारी तुरंत आयकर विभाग को दे दी है, जिसकी टीम अब मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है. सुरक्षा बल उस व्यक्ति को भी ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसने आरोपी को यह बड़ी राशि सौंपी थी. यह टैक्स चोरी का मामला है या इसके पीछे कोई और वित्तीय अनियमितता है, इसका खुलासा आयकर विभाग की विस्तृत जांच के बाद ही हो पाएगा. फिलहाल पकड़े गए व्यक्ति से पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
















