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तहसील कार्यालय का बाबू और खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का बाबू को रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार

रायपुर। प्रार्थी भानुप्रताप पटेल निवासी ग्राम धसका मुड़ा, जिला रायगढ द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो. बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि उसकी परिचित महिला कंचन बाई की ग्राम धसका मुड़ा स्थित जमीन के रिकॉर्ड में नाम कचरा लेख हो गया था तथा उसके द्वारा कंचन बाई की जमीन को क्रय किया जाना था, जिस पर नाम सुधार कराने के लिए कंचन बाई द्वारा उसे अधिकृत किये जाने पर यह कंचन बाई का नाम सुधार के लिए आवेदन तहसील कार्यालय छाल में लगवाया था।

जिस पर नाम सुधार का आदेश कराने के एवज में छाल तहसील के बाबू तुलाराम पटेल के द्वारा 1 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत सत्यापन पर सही पाये जाने से दिनांक 29.05.2026 को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपी बाबू तुलाराम पटेल को प्रथम किश्त के रूप में 60,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा गया।

आरोपो बाबू का मूल पद सहायक शिक्षक है तथा वह तहसील छाल में बाबू के रूप में अटैच था। आरोपी को गिरफ्तार कर उनले विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिग कार्यवाही की जा रही है।

जिला-कोरबा में कार्यालय खंड शिक्षा अधिकारी, पोड़ी उपरोड़ा का बाबू रिश्वत लेते गिरफ्तार

प्रार्थी अमृत लाल बघेल द्वारा एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर में शिकायत की गई थी कि वह “प्राथमिक शाला रोगदा ब्लॉक करतला जिला कोरबा में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ है, जो मई 2026 में सेवानिवृत्त होने वाला है तथा पूर्व में पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में पदस्थ रहा है। पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र में पदस्थापना अवधि के जीपीएफ कटौती राशि की एन्ट्री जीपीएफ पासबुक में करने के लिए उसने अपना पासबुक पोड़ी उपरोड़ा खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाबू प्रदीप मिश्रा के पास छोड़ा था।

जिसकी जानकारी लेने बाबू प्रदीप मिश्रा से मिलने पर पास बुक में एन्ट्री करने के एवज में प्रार्थी से 40,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। प्रार्थी रिश्वत नहीं देना चाहता था बल्कि आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडवाना चाहता था।

शिकायत सत्यापन पर सही पाये जाने से दिनांक 29.05.2026 को ट्रेप आयोजित कर प्रार्थी से आरोपी बाबू प्रदीप मिश्रा को 40,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

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