रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी एवं भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पाण्डेय के नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमण्डल ने शुक्रवार को थाना प्रभारी (सिविल लाइन) को एक शिकायत पत्र सौंपकर सनातन धर्म के आराध्य देवी-देवताओं और शिवलिंग पर बेहद अशोभनीय व आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा प्रतिनिधिमण्डल ने पुलिस प्रशासन को अवगत कराया कि हंसराज गोयल द्वारा अपने फेसबुक अकाउंट होल्डर हंसराज गोयल जिसका यू.आर.एल. लिंकhttps://www.facebook.com/share/1HtUdpD1Uv/ ?mibextid=wwXIfr से हमारे आराध्य भगवान शंकर के शिवलिंग जिसमें हमारे अन्य भगवानों के नाम लेकर राम, कृष्ण, विष्णु, हनुमान, इंद्र, ब्रह्मा एवं गणेश के लिंग में क्या खराबी है बताओ इस तरह का पोस्ट किया गया है। हंसराज गोयल के द्वारा किये गये पोस्ट का यू.आर.एल. लिंकhttps://www.facebook.com/share/p/1GzAmSSzq1/?mibextid=wwXIfr है। इस पर रायपुर निवासी अरुण पन्नालाल के द्वारा अति अशोभनीय कमेंट करते हुए ‘‘शिवलिंग खतना किया हुआ क्यों रहता है? कोई वैदिक तर्क होगा‘‘ कमेंट किया गया है। अरुण पन्नालाल का प्रोफाइल यू.आर.एल. https://www.facebook.com/share/1DceMC3AwM/?mibextid=wwXIfr है। भाजपा नेताओं ने कहा है कि इस तरह के कमेंट से हम हिन्दू धर्म के अनुयायियों एवं सनातनियों की भावनाएँ आहत हुई है। इन दोनों के द्वारा विभिन्न धर्मों के बीच घृणा एवं वैमनस्यता बढ़ाने के उद्देश्य से हिन्दू धर्म के भावनाओं को आहत किया गया है जिससे प्रदेश में शांति व्यवस्था बिगड़ने की पूरी आशंका है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी व विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बृजेश पाण्डेय ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए उक्त दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा एवं आईटी एक्ट में प्रथम सूचना दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। धार्मिक सौहार्द्र बिगाड़ने और सनातन धर्म का अपमान करने के लिए हंसराज गोयल एवं अरुण पन्नालाल की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
वही शिकायत मिलने पर सिविल लाइन पुलिस ने अपराध क्रमांक 415/ 2026, धारा 196, 299 353 (2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक, निशिकांत पाण्डेय, वात्सल्य मूर्ति, नंदकुमार सही, कुलेश्वर निर्मलकर, महेंद्र देवांगन सहित मीडिया एवं विधि प्रकोष्ठ के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

















