छत्तीसगढ़फीचर्ड

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महाभियान में लिया हिस्सा, पेड़ों को प्राकृतिक वातावरण देने की पहल की सराहना

रायपुर। जिले में पेड़ों को प्राकृतिक रूप से विकसित होने का अवसर देने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ ने अब महाभियान का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम परिसर में इस अभियान में शामिल हुए और पर्यावरण संरक्षण के लिए इसे जनभागीदारी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया तथा जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान की सराहना की। इस महाभियान में कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा, लखनलाल देवांगन, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, भवन एवं सनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ रामप्रताप सिंह तथा विधायक पुरंदर मिश्रा भी शामिल हुए।

प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के तहत जिलेभर में महाभियान चलाकर पेड़ों के आसपास लगे अनावश्यक कंक्रीट घेराव और ट्रीगार्ड की जालियां हटाई गईं। इस पहल का उद्देश्य पेड़ों की जड़ों तक बारिश का पानी, हवा और आवश्यक पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से पहुंचाना है, ताकि वे स्वस्थ और बेहतर तरीके से विकसित हो सकें।

महाभियान के दौरान कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन और डीएफओ पंकज राजपूत सहित जिले के सभी जिला स्तरीय अधिकारी और प्रशासनिक अमला अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहे। टीमों ने ऑक्सीजोन, सिविल लाइंस, मरीन ड्राइव और डीडी नगर सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेड़ों के आसपास से कंक्रीट और जालियां हटाकर सैकड़ों पेड़ों को नया जीवन दिया।

प्रोजेक्ट पुनर्जीवन के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि पौधों के चारों ओर की जमीन को अनावश्यक रूप से कंक्रीट से ढंकने से उनकी प्राकृतिक वृद्धि प्रभावित होती है। कंक्रीट हटने से बारिश का पानी जमीन में आसानी से पहुंच सकेगा और पेड़ों की जड़ों को प्राकृतिक रूप से पोषण मिलेगा।

कलेक्टर डॉ.सिंह ने जिलेवासियों से अपील की है कि घर, दुकान या संस्थान के सामने लगे पेड़ों के आसपास यदि कंक्रीट घेराव किया गया है तो उसे हटाकर पेड़ों के संरक्षण की जिम्मेदारी लें। अभियान में सक्रिय रूप से सहभागी बनने वाले नागरिकों को ‘पर्यावरण मित्र’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

गौरतलब है कि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कलेक्टर डॉ. सिंह को जिले में पेड़ों को जाली और कंक्रीट के घेरे से मुक्त कर प्राकृतिक रूप से विकसित होने का अवसर देने के लिए प्रेरित किया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button