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एसपी त्रिलोक बंसल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला कार्यालय, थाना बेरला एवं पुलिस चौकी कंडरका का किया औचक निरीक्षण

बेमेतरा। पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला कार्यालय, थाना बेरला एवं पुलिस चौकी कंडरका का औचक निरीक्षण किया। एसपी द्वारा निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी/ कर्मचारियों का मनोबल बढाये जाने के साथ कानून व सुरक्षा व्यवस्था को बनाये रखते हुए बेहतर पुलिसिंग के बारे में निर्देश दिया गया। साथ ही थाना एवं चौकी परिसर की नियमित साफ-सफाई और अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी त्रिलोक बंसल ने पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला कार्यालय में संधारित रजिस्टर, वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त पत्रों का सही समय में निकाल करने एवं वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त दिशा निर्देशों का पालन करने व बेमेतरा अनुविभाग के थाना/चौकी को भी प्राप्त निर्देशों को जारी करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया।

इसके पश्चात एसपी त्रिलोक बंसल ने थाना बेरला एवं पुलिस चौकी कंडरका का औचक निरीक्षण कर बंदी गृह, महिला डेस्क, विवेचक कक्ष, मालखाना सहित संपूर्ण थाना एवं चौकी परिसर की स्थिति का जायजा लिया गया। अवैध शराब, जुआ, सट्टा, गांजा, नशीली दवाओं एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। लंबित अपराध, मर्ग, गुम इंसान एवं शिकायतों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होनें कम्यूनिटी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने, अपराध नियंत्रण हेतु मजबूत सूचना तंत्र विकसित करने तथा विजिबल पुलिसिंग एवं चेकिंग अभियान को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों के निराकरण हेतु “ऑपरेशन मुस्कान” चलाने तथा संपत्ति संबंधी अपराधों के आदतन आरोपियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

एसपी ने विजिबल पुलिसिंग को बढ़ावा देने, रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग, कॉम्बिंग ऑपरेशन, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं गोवंश तस्करी पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तथा स्मार्ट एवं हाईटेक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

उन्होंने समयबद्ध मामलों का शीघ्र निराकरण कर 60 से 90 दिनों के भीतर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया। तलाशी एवं जब्ती के दौरान फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी को अनिवार्य करते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नवीन आपराधिक कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष जोर दिया गया।

बीट प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करें तथा जुआ, अवैध शराब, मादक पदार्थों की गतिविधियों की जानकारी संकलित करें। निगरानी एवं सूचीबद्ध अपराधियों पर सतत नजर रखें तथा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचनाएं नियमित रूप से बीट पुस्तिका में अद्यतन करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य थाना/चौकी स्तर पर जनसंपर्क को सुदृढ़ करना एवं अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। बीट प्रणाली से सूचना तंत्र मजबूत होगा और क्षेत्र पर पुलिस का नियंत्रण बेहतर होगा।

एसपी त्रिलोक बंसल ने सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने, चोरी एवं अन्य अपराधों पर अंकुश हेतु रात्रि गश्त, पेट्रोलिंग एवं कॉम्बिंग गश्त बढ़ाने तथा आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सरप्राइज चेकिंग के माध्यम से वाहनों की सघन जांच करने, “सशक्त एप” के उपयोग को बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही, भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बस स्टैंड, चौपाटी आदि में नियमित चेकिंग एवं संदिग्ध व्यक्तियों—ठेला, गुमटी संचालकों एवं फेरीवालों—की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

एसपी ने नए कानूनों के लागू हाने पर तकनीकी साक्ष्यों के संकलन के महत्व उनके संकलन करने के संबंध में निर्देशित किया। सामुदायिक पुलिसिंग के लिए “हमर पुलिस हमर बजार” एवं “हमर पुलिस हमर गांव” अभियान के माध्यम से हॉट/बाजारों एवं ग्रामों, स्कुल, कालेजो में जागरूकता अभियान चलाने निर्देश दिए गए। तथा ऑनलाईन फायनेंसियल फ्राड की रिपोर्ट पर तत्काल कार्यवाही करने, शिकायत/समस्या को लेकर आये महिला आगंतुक रिपोर्टकर्ता से संयमित व्यवहार करने एवं उनकी रिपोर्ट को गंभीरता पूर्वक लेते हुए तत्काल उचित कार्यवाही करने तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने निर्देशित किया गया।

उन्होंने थाना एवं चौकी प्रभारी को निर्देशित किया कि आमजन मानस को बताये कि बाहरी व्यक्तियों को किराए में मकान देने से पूर्व इसकी सूचना अनिवार्य रूप से थाना में नोट कराएं। साथ ही सभी वार्ड पार्षद को भी बताए कि किसी भी अंजान लोगो को शहर/ग्रामों में ठहरने न दें साथ ही पुलिस थाना को सूचित करे। अनाधिकृत/अवैध रूप से रह रहें, अवैध अप्रवासी बांग्लादेशी/रोहिंग्या घुसपैठियों एवं संदिग्ध दिखने वाले व्यक्ति जो बाहर से आकर कही रूका हो जो आपको संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 18002331905 पुलिस को दें।

औचक निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी बेरला उप निरीक्षक राकुमार साहू, पुलिस चौकी प्रभारी कंडरका उप निरीक्षक डी.एल. सोना, प्रशिक्षु उप निरीक्षक गीतांजली कंवर, सउनि उदलराम टांडेकर, संतोष ध्रुर्वे, प्रधान आरक्षक दीनानाथ यादव, मानदास, भेनु साहू, नरेन्द्र मनहर, दिनेश मंडावी, पोषण साहू, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बेरला (SDOP) कार्यालय से प्रधान आरक्षक गोविन्द सिंह क्षत्री, देवेन्द्र सिन्हा, मिथलेश साहू, थाना एवं चौकी से आरक्षक संजय पाटिल, भावेश पुरी गोस्वामी, तुका निषाद, सुरेन्द्र जांगडे, गोलु पटेल, रामेश्वर पटेल, राजु धीवर, प्रदीप कौशल, हेमंत साहू, मुरली सोनी, योगेश साहू, भुषण मारकंडे सहित थाना बेरला एवं चौकी कंडरका के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।

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