रायपुर। पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा की अध्यक्षता में रेंज के समस्त पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों एवं राजपत्रित पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों, वित्तीय अनुसंधान, पुलिस अनुशासन, यातायात, साइबर अपराध तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग की समीक्षा की गई।
एक वर्ष से अधिक समय से लंबित अपराध, चालान, खात्मा प्रकरण, ब्लाइंड मर्डर, चिटफंड एवं अन्य गंभीर मामलों की प्रकरणवार समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्पष्ट टाइमलाइन, प्रभावी मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।
राजपत्रित अधिकारियों को गंभीर एवं लंबित मामलों में डायरेक्ट ओनरशिप लेते हुए विवेचना, साक्ष्य संकलन, गिरफ्तारी, चालान तथा न्यायालयीन प्रगति का नियमित सुपरविजन करने को कहा गया। नवीन आपराधिक कानूनों एवं संगठित अपराध से संबंधित प्रावधानों के प्रभावी प्रयोग पर भी जोर दिया गया।
कार्यशाला में मनी ट्रेल, बैंकिंग एवं डिजिटल ट्रांजैक्शन एनालिसिस, बेनिफिशियल ओनरशिप, अपराध से अर्जित संपत्ति के चिन्हांकन तथा दस्तावेजी साक्ष्य संकलन की जानकारी दी गई।
NDPS एवं अन्य गंभीर अपराधों में प्रारंभिक स्तर से वित्तीय जांच करते हुए सप्लायर, फाइनेंसर, ट्रांसपोर्टर एवं डिस्ट्रीब्यूटर सहित पूरे नेटवर्क को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। SAFEMA के अंतर्गत संपत्ति फ्रीजिंग एवं जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने पर बल दिया गया।
मानव संसाधन, वाहनों, तकनीकी उपकरणों एवं उपलब्ध पुलिस बल के ऑप्टिमल यूटिलाइजेशन पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों को प्राथमिकता आधारित तैनाती, स्पष्ट कमांड, बेहतर समन्वय और जवाबदेही के माध्यम से ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
गोवंश तस्करी, अवैध शराब एवं नारकोटिक्स प्रकरणों में प्रयुक्त वाहनों की समयबद्ध राजसात कार्रवाई पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। यातायात प्रबंधन में CCTV, AI टूल्स और डेटा-ड्रिवन एनफोर्समेंट के माध्यम से चालानी कार्रवाई बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
रेंज स्तर पर साइबर टास्क फोर्स के गठन पर चर्चा की गई तथा जटिल प्रकरणों में रेंज साइबर थाना से तकनीकी सहयोग लेने को कहा गया।
पुलिस बल में अनुशासन, विभागीय जांचों के समयबद्ध निराकरण, महिला संबंधी शिकायतों में संवेदनशील दृष्टिकोण, डायल-112 के रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा तथा अवैध प्रवासियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के निर्देश दिए गए।
आईजी अमरेश मिश्रा ने अधिकारियों को ट्रांसफॉर्मेशनल लीडरशिप, तकनीकी दक्षता, टीम मोटिवेशन और व्यक्तिगत जवाबदेही के माध्यम से पुलिस संगठन एवं पुलिसिंग में गुणात्मक सुधार लाने के निर्देश दिए।

























