मनरेगा, जल जीवन मिशन और स्थानीय लोगों के आपसी सहयोग से क्षेत्र में नए स्टॉपडैम, चेकडैम और तालाब बनाए गए, साथ ही पुराने सूख चुके जलाशयों को भी पुनर्जीवित किया गया। इसका सीधा फायदा यह हुआ कि आज अधिकांश गांवों में सालभर पानी की उपलब्धता बनी रहती है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, इन जल संरक्षण कार्यों की वजह से 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बढ़ गई है, जिससे रबी फसलों के उत्पादन में भी बंपर इजाफा हुआ है…
नईदिल्ली (ए)। पीएम मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड को संबोधित किया। उन्होंने सबसे पहले कारगिल विजय दिवस का जिक्र करते हुए वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस ऐसी तारीख है, जिसे याद रखने के लिए दिन याद रखने की जरूरत नहीं होती। पीएम ने देश के युवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा- हमारे युवा भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। साइंस ओलंपियाड दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में से हैं, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र हिस्सा लेते हैं। इस महीने फिजिक्स , कैमेस्ट्री, बायोलॉजी और मैथ के ओलंपियाड हुए। इनमें भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा- पिछले रविवार विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण था। हम सभी ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के इस ऐतिहासिक पल को देखा। यह प्राइवेट सेक्टर द्वारा विकसित भारत का पहला रॉकेट है। हमारे युवा इनोवेटर्स ने वह कर दिखाया, जो कभी लगभग असंभव लगता था। उन्होंने अपने असाधारण कौशल, जुनून और धैर्य का परिचय दिया।
पीएम ने कहा- कुछ दिनों बाद देश नेशनल हैंडलूम डे मनाएगा। हाथ से बने उत्पाद देश के अलग-अलग हिस्सों के हुनर और मेहनत का प्रतीक हैं। आज पोचमपल्ली, पटना और कच्छ जैसे क्षेत्रों के हैंडलूम उत्पादों को नई पहचान मिल रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 सालों में खादी की लोकप्रियता काफी बढ़ी है और इसकी बिक्री छह गुना बढ़कर 8 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। उन्होंने लोगों से खादी खरीदने की अपील की। साथ ही त्रिपुरा के सूरज कुमार देव वर्मा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पारंपरिक चोंग पैंग वाद्य यंत्र और त्रिपुरा के अन्य लोक वाद्य यंत्रों को फिर से लोकप्रिय बनाने का काम किया है।
कार्यक्रम के अंत में मोदी ने कहा कि 27 जुलाई को भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि, इसी सप्ताह गुरु पूर्णिमा और कुछ ही सप्ताह बाद स्वतंत्रता दिवस है। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले लोगों को याद करना चाहिए और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। साथ ही लोगों से भविष्य के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए सुझाव भेजते रहने की अपील भी की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले ‘मन की बात’ में उन्होंने लोगों से मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की पूजा करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि पीओपी और प्लास्टिक की मूर्तियों से बचना चाहिए। मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की पूजा करना प्रकृति की भी पूजा है।
पीएम मोदी ने मणिपुर के वैज्ञानिक डॉ. रोनाल्डो मीनांशम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने युवा आकाशगंगाओं (यंग गैलेक्सीज) की खोज की है। उन्होंने इस नई आकाशगंगा का नाम ‘लोकटक प्रोटोक्लस्टर’ रखा, जो मणिपुर की प्रसिद्ध लोकटक झील के नाम पर है। इससे मणिपुर का नाम दुनियाभर में पहुंच रहा है।
पीएम ने कहा कि पिछले रविवार विक्रम-1 रॉकेट का सफल प्रक्षेपण हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण था। भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। विक्रम-1 भारत का पहला निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) द्वारा विकसित रॉकेट है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय देश के युवा इनोवेटर्स को देते हुए कहा कि उन्होंने वह कर दिखाया, जो कभी लगभग असंभव माना जाता था।
पीएम मोदी ने कहा कि युवा इनोवेटर्स ने अपने कौशल, जुनून और धैर्य का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी और युवाओं की क्षमता का मजबूत उदाहरण है।
पीएम ने ‘मन की बात’ में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का जिक्र किया। उन्होंने बताया गया कि अहमदाबाद में एक घंटे के भीतर 3.5 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए, जबकि उत्तर प्रदेश में 12 जुलाई को एक ही दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधे रोपे गए। पीएम ने गुजरात के गिर जंगल में हॉर्नबिल पक्षी की वापसी का भी जिक्र किया, जिसे पर्यावरण संरक्षण की सकारात्मक पहल बताया गया।
पीएम ने कहा- आज प्लास्टिक प्रदूषण हमारे देश के लिए एक खतरा बना हुआ है। बिहार के सीतामढ़ी में कचरे की रीसाइक्लिंग कर बेंच बनाई जा रही है। 1 बेंच में 40 किलो प्लास्टिक लगाई जा रही है। इसे स्कूल और पार्कों में लगाया जा रहा है। यहां स्थानीय इकाई के साथ प्रशासन की भी भूमिका है। इससे हमें पता चलता है कि रिड्यूस, रियूज और रीसाइकल देश का नारा बनता जा रहा है।
पीएम ने कहा- मुझे देखकर खुशी होती है कि देश में ओलंपियाड और हैकाथॉन का कल्चर बढ़ता जा रहा है। कश्मीर की पाम्पोरी चटाई वागु को लेकर जो प्रयास हो रहे हैं उसमें भी इसकी झलक मिलती है। इसे कश्मीर के दलदली इलाके की घास से हाथों से बुनकर बनाया जाता है। ये चटाई अनोखी भी है और इसे बनाने में 4 दिन लगते हैं। पहले ये कश्मीर के हर घर में दिखती थी। लेकिन अब ये कम हो गई है। लेकिन कश्मीर के गुलाम हुसैन जी ने इसको फिर से शुरू किया और इस कौशल को भी उन्होंने खूब बढ़ाया।
पीएम ने कहा- हम सभी का लोकल प्रोडक्ट्स पर जोर है। हमारे देश में चाय सिर्फ एक पेय नहीं है। ये हर मौके का हिस्सा बन जाती है। आप सब भी जानते हैं कि चाय से मेरा रिश्ता क्या है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव की महिलाओं ने हर्बल चाय तैयार की है। इसमें गिलोय और इलायची शामिल है। इस चाय ने लोगों के बीच खास पहचान बना ली है। विदेश से आए लोगों ने भी इसमें खूब रुचि दिखाई। ये सिर्फ 1 लाख रुपए से शुरू हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- कुछ दिन पहले ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हुए हैं और पूरा देश भारतीय खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा रहा है। पीवी सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं। हमारी महिला टीम ने 200 रनों से पहला महिला टेस्ट जीता था।
पीएम मोदी ने केरल के एर्नाकुलम की एक महिला टीचर की सराहना की, जो फुटबॉल के नियमों और मैचों की घटनाओं के जरिए बच्चों को संस्कृत सिखा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने पिछले ‘मन की बात’ में शुरू किए गए कैच द रेन अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य जहां पानी गिरे, उसे वहीं रोकना है। 4 जुलाई को इसके लिए विशेष अभियान चलाया गया। मध्य प्रदेश में 4 हजार तालाब बनाए गए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया। मोदी ने कहा कि आज बचाई गई पानी की हर बूंद भविष्य की पूंजी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कारगिल विजय दिवस ऐसी तारीख है, जिसे याद रखने के लिए दिन याद रखने की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा कि कारगिल युद्ध में भारतीय जवानों ने तमाम चुनौतियों के बावजूद हार नहीं मानी और देश को जीत दिलाई।
पीएम मोदी ने बताया कि इस बार दिल्ली से द्रास तक विशेष शौर्य यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने स्वदेशी रक्षा तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि INS महेंद्रगिरी नौसेना में शामिल हुआ है और इसी साल पिनाका मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया गया।
























