भिलाई। गुरुवार को जिला दुर्ग में नवपदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) कौशलेंद्र देव पटेल ने विधिवत अपना पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण करने के उपरांत उन्होंने सर्वप्रथम यातायात कार्यालय में सभी यातायात जोन प्रभारी, टैंगो एवं उनके हमराह अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर जिले की वर्तमान यातायात व्यवस्था, चुनौतियों एवं सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जोन प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करें तथा प्रत्येक प्रमुख चौक-चौराहे, बाजार क्षेत्र एवं व्यस्त मार्गों पर यातायात की सतत निगरानी रखें। विशेष रूप से पीक ऑवर के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए यातायात का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा कहीं भी अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक जोन प्रभारी अपने अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहें तथा टीमवर्क एवं बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें। शाम के समय बाजार क्षेत्रों में बढ़ने वाले यातायात दबाव को ध्यान में रखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन किया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक के दौरान सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी स्थल पर उपस्थित होकर पूर्ण अनुशासन, जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दुर्घटनाओं में कमी लाने, यातायात नियमों का प्रभावी पालन कराने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) ने कहा कि दुर्ग जिले में सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। यातायात पुलिस आम नागरिकों की सुविधा, सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से पूरी प्रतिबद्धता एवं समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी।
आपको बता दे कि एएसपी कौशलेंद्र देव पटेल की प्रारंभिक शिक्षा दंतेवाड़ा के शासकीय विद्यालय (पांचवी तक) में हुई थी। हायर सेकंडरी तक कि शिक्षा इन्होंने शासकीय विद्यालय कोंडागांव से पूरी की। वर्ष 2005 में इन्होंने शासकीय महाविद्यालय, कोंडागांव से साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल किया। इसी वर्ष इनका चयन शिक्षाकर्मी वर्ग-2 के लिए हुए तथा इनकी पोस्टिंग बीजापुर के कुटरू में हुआ।
जहां इन्होंने वर्ष 2008 तक अपनी सेवाएं दी। शिक्षा कर्मी की नौकरी करते हुए इन्होंने सीजी पीएससी की तैयारी शुरू की और इनका प्री एग्जाम क्लियर होने के बाद ये आगे की तैयारी के लिए बिलासपुर आ गए। इस दौरन इनका चयन पटवारी और एडीओ के लिए भी हुआ पर इन्होंने वहां जॉइनिंग नही किया। पीएससी के पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद इनका चयन नही हुआ। इन्होंने हार नही मानी और तैयारी जारी रखी और अपने दूसरे प्रयास में इन्हें सफलता मिली और 2011 बैच में यह डीएसपी के पद पर चयनित हुए।
ट्रेनिंग के बाद बतौर प्रशिक्षु इन्हें बलौदाबाजार जिला में पोस्टिंग मिली, जहां यह वर्ष 2015 से तक 2017 तक अपनी सेवाएं दी इस दौरान यह बिलाईगढ़, भाटापारा, कोतवाली के थाना प्रभारी रहे। वर्ष 2017 में इन्हें एसडीओपी पिथौरा (महासमुंद) की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां इन्होंने वर्ष 2019 तक अपनी सेवाएं दी।
वर्ष 2019 में इन्हें एसडीपीओ अंतागढ़ (कांकेर) की जिम्मेदारी सौंपी गई, जहां इन्होंने अगस्त 2021 तक अपनी सेवाएं दी। करीब एक वर्ष छावनी सीएसपी रहे, वर्ष 2022 में प्रमोशन के बाद वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बने और आईजी कार्यालय रायपुर रेंज में अपनी सेवाएं दी। उसके उपरांत करीब डेढ़ साल तक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंडागांव के पद पर रहे। उसके उपरांत उप सेनानी पांचवीं वाहिनी छसबल बस्तर जगदलपुर के पद पर रहे। हाल ही राज्य सरकार ने उन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) दुर्ग की जिम्मेदारी सौंपी है।

























