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सिलयारी रेप मामले में नया ऑडियो वीडियो वायरल, पीड़िता का बयान बदलवाने आरोपी पक्ष से की गई मोटी रकम

रायपुर। राजधानी रायपुर के धरसीवां थाना के अंतर्गत सिलयारी चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद एक नया मोड़ सामने आया है, जिसमें पीड़िता नाबालिग लड़की के दादा का ऑडियो और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसमें वो लड़की के बयान बदलने के लिए पैसा लेते दिख रहे है। वायरल वीडियो में नाबालिग लड़की का दादा पैसा लेकर बयान बदलवाने की बात कह रहा है, वही ऑडियो में पीड़िता के दादा ने दूसरे पक्ष (आरोपी पक्ष) को डांटते और धमकी देते सुनाई दे रहा है।

सोशल मीडिया में ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस इस केस को दूसरे एंगल से जांच कर सकती है और वायरल ऑडियो-वीडियो में सुनाई और दिखाई देने वालों पर गंभीर धाराओं में कार्यवाही भी कर सकती है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ऑडियो और वीडियो वायरल होने के बाद केस में नया मोड़ आ गया है और संलिप्त लोगों पर कार्यवाही होने की भी संभावना है।

20 अप्रैल को नाबालिग लड़की का बयान CWC के समक्ष कराया गया था और 24 अप्रैल को माननीय न्यायालय के समक्ष भी कथन कराया गया था। जानकारी के अनुसार इधर कथन की प्रक्रिया चल रही थी और उसी दिन पीड़िता के दादा ने आरोपी पक्ष को बयान बदलवाने के एवज में पैसे को उगाही कर रहे थे। केस की आड में पैसा वसूली का धंधा चल रहा था और इस पूरी मामले में विधिवत् कार्यवाही करने के बाद भी पुलिस पर उंगली उठ रही है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है।

मिली जानकारी के अनुसार नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में लगातार बढ़ते राजनीतिक दबाव और जनाक्रोश के बीच पुलिस विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सिलयारी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा द्वारा की गई थी।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, थाना धरसीवां अंतर्गत चौकी सिलयारी में दर्ज अपराध की विवेचना में गंभीर त्रुटियां और लापरवाही सामने आने पर उप निरीक्षक जितेंद्र दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायपुर (ग्रामीण) से संबद्ध किया गया है।
साथ ही मामले की प्रारंभिक विभागीय जांच के आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के आरोप सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील बन गया था। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने पीड़िता को न्याय दिलाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार आवाज बुलंद की।

भाजपा की ओर से पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल, जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी और वरिष्ठ नेता दिनेश अग्रवाल ने मामले को प्रमुखता से उठाया। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचकर जांच की निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई की मांग की थी।

वही दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर धरसीवां और आसपास के क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए। पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू राजेंद्र बंजारे, उधोराम वर्मा, पीसीसी कार्यकारी अध्यक्ष भावेश बघेल तथा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आशीष वर्मा सहित कई नेताओं ने प्रदर्शन कर माना सीएसपी को ज्ञापन सौंपा था।

कांग्रेस ने आरोपियों की गिरफ्तारी, पॉक्सो एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई तथा चौकी प्रभारी के निलंबन की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन को 12 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में 9 जून को चक्काजाम और उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

चौकी प्रभारी के निलंबन के बाद मामले ने अब ऑडियो वीडियो वायरल होने के बाद अब नया मोड़ ले लिया है, लेकिन राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि केवल विभागीय कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि पीड़िता को जल्द न्याय मिले और मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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