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आज शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन इस विधि से करें स्कंदमाता की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और प्रिय भोग?

नवरात्रि के आज पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा के साथ मंत्र जाप और दुर्गा सप्तशती का पाठ करने का विधान है। जानिए पूजा का शुभ समय, मां का स्वरूप और किस तरह विधि-विधान से आराधना करके देवी का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की जा सकती है…

 

नईदिल्ली (ए)। नवरात्रि की पंचमी तिथि मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता को समर्पित है। इस दिन उपांग ललिता व्रत भी रखा जाएगा। मान्यता है कि मां स्कंदमाता की आराधना से सुख, शांति और समृद्धि की कामना पूरी होती है। आइए जानते हैं नवरात्रि की पंचमी तिथि पर मां स्कंदमाता की पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा। साथ ही मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप की पूजन विधि और धार्मिक महत्व।

मां स्कंदमाता नवदुर्गा का पांचवां स्वरूप हैं। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है और उनकी मां होने के कारण देवी का नाम स्कंदमाता पड़ा। माता की गोद में भगवान कार्तिकेय बालरूप में विराजमान रहते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां स्कंदमाता की पूजा से संतान सुख की कामना पूरी होती है और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का साहस मिलता है।

पूजा का शुभ मुहूर्त

शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता का पूजन होगा। पंचमी तिथि 15 अक्टूबर को रात 1 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर 16 अक्टूबर को रात 3 बजकर 26 मिनट तक रहेगी।

पूजा के लिए सुबह 7 बजकर 32 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक और सुबह 10 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। वहीं, दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से शाम 4 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान नए शुभ कार्य शुरू न करें। शुभ फल प्राप्ति के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ किया जा सकता है।

मां स्कंदमाता की पूजा विधि

  1. नवरात्रि की पंचमी तिथि पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
  2. पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़ककर उसे शुद्ध करें।
  3. लकड़ी की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं और मां स्कंदमाता की तस्वीर स्थापित करें।
  4. इसके बाद देवी का ध्यान करके पूजा का संकल्प लें।
  5. मां को पीले फूल, पीले वस्त्र और शृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  6. इसके बाद इलायची, लौंग और पान का पत्ता चढ़ाएं।
  7. श्रद्धा पूर्वक मां के मंत्र का 108 बार जाप करें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  8. फिर स्कंदमाता की व्रत कथा सुनें और अंत में आरती करके प्रसाद सभी में बांट दें।

मां स्कंदमाता का प्रिय भोग

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता को केसर की खीर, पीले रंग की मिठाई और मौसमी फल अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक भोग लगाने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

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