

भिलाई 03। नगर पालिक निगम भिलाई-चरौदा के नवपदस्थ आयुक्त सुदेश कुमार सुंदरानी कार्यभार संभालने के बाद सोमवार को निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर निगम के कामकाज, नागरिक सुविधाओं और राजस्व वसूली सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करना है। इसके लिए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें।

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता को निगम से संबंधित कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। नागरिक जब भी अपने काम के सिलसिले में निगम कार्यालय पहुंचें, तो उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनकर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।


बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने व्यवहार में सरलता एवं विनम्रता बनाए रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नगर निगम सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ा विभाग है। ऐसे में निगम की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों का व्यवहार ही नागरिकों के बीच प्रशासन की छवि निर्धारित करता है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को जनता के प्रति सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। आवेदन, शिकायतों और अन्य आवश्यक कार्यों के निराकरण में अनावश्यक देरी से बचा जाए। साथ ही, लोगों को निगम की योजनाओं, नियमों और प्रक्रियाओं के संबंध में उचित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अपने कार्यों को पूरा कराने में किसी तरह की परेशानी न हो।


आयुक्त ने राजस्व वसूली को निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर संग्रहण की प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल होनी चाहिए। कर वसूली के लिए जाने वाले कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली के दौरान लोगों के साथ शालीनता से व्यवहार किया जाए और उन्हें कर भुगतान से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जाए। करदाताओं की समस्याओं और शंकाओं का समाधान करते हुए निर्धारित नियमों के अनुसार वसूली की कार्रवाई की जाए। निगम के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ नागरिकों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।
नवपदस्थ आयुक्त ने अधिकारियों को निगम के हित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम के विकास, बेहतर नागरिक सुविधाओं और सुचारु प्रशासनिक व्यवस्था के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है। प्रत्येक विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करे और लंबित मामलों के निराकरण पर विशेष ध्यान दे।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने विभागों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करें और समस्याओं का समय रहते समाधान निकालें। जनहित के कार्यों में लापरवाही से बचते हुए जवाबदेही के साथ काम किया जाए, ताकि नागरिकों को निगम की सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि नगर निगम की प्राथमिकता जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, राजस्व व्यवस्था को मजबूत करना और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना है। सभी अधिकारी-कर्मचारी इन उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए समन्वित प्रयास करें, जिससे निगम की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सके।



