दुर्ग। बजरंग कुमार दुबे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत जिला स्तरीय अभिसरण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विभागों के अभिसरण के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें लखपति दीदी के रूप में विकसित करना था।
बैठक में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, उद्यानिकी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन, डेयरी, बकरी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
पशुपालन विभाग द्वारा मुर्गी पालन, चूजा वितरण, बकरी पालन एवं उन्नत नस्ल के बकरे-बकरियों के वितरण संबंधी योजनाओं की जानकारी दी गई। विभाग द्वारा हितग्राहियों को प्रदान किए जाने वाले अंशदान एवं अन्य सुविधाओं पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कृषि विभाग द्वारा आत्मा (ATMA) योजना के अंतर्गत किसानों एवं महिला समूहों को मिलने वाले लाभों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा आजीविका संवर्धन गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। वहीं उद्यानिकी विभाग द्वारा पल्स योजना एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM) के तहत महिलाओं को उपलब्ध कराए जाने वाले अंशदान एवं लाभों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्वरोजगार स्थापित करने के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं अवसरों की भी जानकारी दी गई, जिससे महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिल सके।
श्री दुबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को विभागीय योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने हेतु समन्वित कार्ययोजना तैयार करें तथा पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ें।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से महिलाओं की वार्षिक आय में वृद्धि कर उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त एवं सफल लखपति दीदी के रूप में विकसित किया जा सकता है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
















