राजनांदगांव। दिनांक 23.01.2024 को पुलिस कंट्रोल रूम राजनांदगांव स्थित पुलिस जनसंवाद कक्ष में जिला के सभी बैंक के मैनेजरों की मीटींग आहुत की गई जिसमें बैंक एवं पुलिस के बीच समन्वय स्थापित करने एवं आपराधिक मामलों में पुलिस द्वारा बैंकों से चाही गई जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा किया गया।
बैंक एवं एटीएम में लगे हुए सुरक्षा गार्ड का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरीफिकेशन की जावे। बैंकों के सुरक्षा के लिए लगाये गये उपकरण सी.सी.टी.व्ही कैमरे, डबल लॉक की स्थिति, लाकर और सुरक्षा अलार्म आदि को चालू हालत में रखा जाये। साथ ही बैंक के आसपास आने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर सतत नजर रखी जाए एवं कही पर भी किसी के द्वारा संदिग्ध आचरण परिलक्षित हो तो तत्काल पुलिस को अवगत कराये।
साइबर अपराध/ बैंक अपराध व धोखाधड़ी के अपराधों में सीसीटीवी फुटेज तत्काल उपलब्ध कराने के लिए पुलिस आवेदन देती है तब सीसीटीवी फुटेज समय पर उपलब्ध कराया जाने हेतु निर्देशित कर विषम परिस्थिति में संबंधित थाना से सम्पर्क करने कहा गया।
बैंक में सुरक्षा उपकरणों को बीच-बीच में चेक करते रहने के साथ साथ बैंक के भीतर प्रवेश करने वालों का रजिस्टर मेंटेन करने हेतु भी निर्देशित किया गया। साथ ही साथ कहा कि सायबर फ्रॉड़ होने पर प्रार्थी सिधा बैंक चला जाता है।
इस अवसर पर एसपी मोहित गर्ग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव (आईयूसीएडब्ल्यू) सोनिया उके, थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक एमन साहू, प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक जितेन्द्र वर्मा एवं जिले के सभी बैंकों से आए बैंक मैनेजर एवं लीड बैंक के अधिकारीगण उपस्थित थे।


















