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इसलिए मैंने राजनीति के बजाय राष्ट्रनीति को चुना : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

पीएम मोदी ने कहा, दावोस में भी भारत के लिए बहुत उत्साह दिखा। किसी ने कहा कि भारत अभूतपूर्व सफलता की कहानी है। किसी ने कहा, भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा नई ऊंचाई छू रहा है…

नईदिल्ली (ए)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का समय आ गया है। विकास दर लगातार बढ़ रही है। दुनिया का भारत पर भरोसा बढ़ रहा है। मोदी ने जोर देते हुए कहा, हमारे आलोचक अब तक के सबसे निचले स्तर पर हैं। पीएम मोदी ने ग्लोबल बिजनेस समिट में कहा कि किसी भी देश की विकास यात्रा में ऐसा समय आता है, जब सभी परिस्थितियां उसके पक्ष में होती हैं।

उन्होंने कहा, यह वह समय है, जब विकास दर बढ़ रही है, राजकोषीय घाटा कम हो रहा है। निर्यात बढ़ रहा है, चालू खाता घाटा कम रहा है। उत्पादक निवेश रिकॉर्ड ऊंचाई पर है, मुद्रास्फीति नीचे है। अवसर व आय, दोनों बढ़ रहे हैं व गरीबी कम हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा , यही समय है, जब उपभोग व कॉरपोरेट लाभप्रदता दोनों बढ़ रहे हैं व गैर निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए ) में रिकॉर्ड कमी आई है। उत्पादन और उत्पादकता बढ़ रही है।

पहले नहीं थी ऐसी सकारात्मक भावना
पीएम मोदी ने कहा, भारत की क्षमताओं के लिए ऐसी सकारात्मक भावना पहले कभी नहीं थी। आज, हर विकास विशेषज्ञ समूह में चर्चा है कि भारत बीते 10 वर्षों में बदल गया है। पीएम मोदी ने कहा, दावोस में भी भारत के लिए बहुत उत्साह दिखा। किसी ने कहा कि भारत अभूतपूर्व सफलता की कहानी है। किसी ने कहा, भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा नई ऊंचाई छू रहा है।

 

स्थिरता और निरंतरता सरकार की नीति
स्थायित्व, स्थिरता और निरंतरता को अपनी सरकार की नीति बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रास्फीति अधिक खर्च करने का दुष्परिणाम है। उनकी सरकार ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए बचाया पैसा ही कमाया गया पैसा के मंत्र का पालन किया है। पीएम ने कहा, हमने संसद भवन जैसी बड़ी परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में पूरा करके करदाताओं के पैसे को महत्व दिया और कबाड़ से भी पैसा कमाया।

प्रधानमंत्री ने बताया- 2014 में इसलिए नहीं लाए श्वेतपत्र पीएम मोदी ने कहा, सरकार अर्थव्यवस्था की हालत पर 2014 में ही श्वेतपत्र ले आती, पर उन्होंने राजनीति के ऊपर राष्ट्रनीति को रखा। उन्होंने कहा, 2014 में जब चीजें मेरे सामने आईं, तो मैं दंग रह गया। अर्थव्यवस्था नाजुक स्थिति में थी। घोटालों और नीतिगत पंगुता के कारण वैश्विक निवेशकों में व्यापक निराशा थी। अगर मैं ये बातें सामने लाता, गलत संकेत जाता, तो शायद देश का भरोसा उठ जाता।

प्रधानमंत्री ने कहा, राजनीति मुझे ऐसा करने के लिए कहती है, लेकिन राष्ट्रनीति मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं देती है और इसलिए, मैंने राजनीति के बजाय राष्ट्रनीति को चुना। जब 10 वर्षों में स्थिति मजबूत हो गई और हम किसी भी हमले का सामना करने की स्थिति में हो गए, तब मैंने सोचा कि मुझे लोगों को सच बताना चाहिए और इसीलिए मैंने संसद में श्वेतपत्र जारी किया। मोदी ने कहा, जब आप इसे देखेंगे, तो पता चलेगा कि हम कहां थे और किस स्थिति से उठकर यहां तक पहुंचे हैं। अब आप विकास की नई ऊंचाई देख रहे हैं। मोदी ने कहा कि यह उनकी गारंटी है कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

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