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ओलंपिक से पहले नीरज चोपड़ा ने दिखाया दम: पावो नूरमी खेलों के बने विजेता, जीता स्वर्ण पदक

नीरज के अलावा टोनी केरानेन 84.19 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे और ओलिवियर हेलांडर 83.96 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे…

नईदिल्ली (ए)। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता भारतीय भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा ने पावो नूरमी खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। नीरज ने ओलंपिक से पहले हुए इन खेलों में 85.97 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। नीरज के अलावा फिनलैंड के टोनी केरानेन ने 84.19 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक और ओलिवियर हेलांडर ने 83.96 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।

नीरज चोपड़ा सबसे पहले थ्रो करने आए और उन्होंने पहली ही बार में 83.62 मीटर का थ्रो किया। विश्व चैंपियन नीरज की यह खराब शुरुआत नहीं थी। नीरज एंडरसन पीटर्स से आगे रहे जिन्होंने पहली बार में 82.58 मीटर का थ्रो किया। दूसरे प्रयास में नीरज ने 83.45 मीटर का थ्रो किया जो उनके शुरुआती प्रयास से बेहतर नहीं था। दूसरे प्रयास के बाद नीरज पिछड़ गए थे और ओलिवियर हेलांडर ने बढ़त बना ली थी। ओलिवियर ने दूसरे प्रयास में 83.96 मीटर का थ्रो किया था। इससे नीरज दूसरे स्थान पर खिसक गए थे।

दूसरे प्रयास में पिछड़ने के बाद हालांकि, नीरज ने तीसरे प्रयास में शानदार वापसी की और 85.97 मीटर का थ्रो कर बढ़त हासिल कर ली। नीरज का यह सर्वश्रेष्ठ थ्रो रहा। नीरज आठ भाला फेंक एथलीटों में एकमात्र खिलाड़ी रहे जिन्होंने 85 मीटर के थ्रो को पार किया। वहीं, ओलिवियर अपने तीसरे प्रयास में 83 मीटर के पार भी नहीं जा सके और उन्होंने 82.60 मीटर का थ्रो किया। तीसरा प्रयास समाप्त होने के बाद नीरज ने अपनी बढ़त बनाए रखी।

नीरज ने चौथे प्रयास में 82.21 मीटर का थ्रो किया। नीरज का यह इस मुकाबले का सबसे कमजोर थ्रो रहा, लेकिन इससे उनकी बढ़त पर कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि अन्य कोई एथलीट उनके सर्वश्रेष्ठ थ्रो के करीब भी नहीं पहुंच सका। इस तरह नीरज ने चौथे प्रयास के समाप्त होने के बाद भी अपनी बढ़त को बरकरार रखा। नीरज पांचवें प्रयास में फाउल कर बैठे, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस प्रयास में भी कोई नीरज को पीछे नहीं छोड़ सका और पांचवें प्रयास की समाप्ति के बाद भी टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता इस खिलाड़ी की बादशाहत बरकरार रही। पांचवें प्रयास में आंद्रियन मारडारे ही 82 मीटर के थ्रो को पार कर सके, जबकि नीरज सहित तीन खिलाड़ियों ने फाउल किया। हालांकि, छठे प्रयास में नीरज ने 82.97 मीटर का थ्रो किया। दिलचस्प बात यह रही कि अंतिम प्रयास में नीरज और मैक्स डेहिंग ही सफल प्रयास कर सके, जबकि अन्य सभी खिलाड़ियों ने फाउल किया।
प्रतिष्ठित 90 मीटर क्लब के सबसे कम उम्र के सदस्य जर्मनी के मैक्स डेहिंग का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। माना जा रहा था कि वह नीरज चोपड़ा को कड़ी टक्कर देंगे, लेकिन उन्होंने पहले प्रयास में 79.84 मीटर का थ्रो किया, जबकि दूसरे प्रयास में फाउल कर बैठे। उन्होंने तीसरा प्रयास नहीं किया और चौथे प्रयास में 79.04 मीटर का थ्रो ही कर सके। इसके बाद उन्होंने पांचवें प्रयास में भी फाउल किया और छठे प्रयास में 77.81 मीटर का थ्रो फेंका।

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