खास खबरछत्तीसगढ़दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

छत्तीसगढ़ सहित 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में निकलेगी धूप बढ़ेगा तापमान

मानसून की अक्षय रेखा समुद्र तल से गंगानगर, हिसार, दिल्ली, बाराबंकी, देहरी, आसनसोल और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में जा रही है…

नईदिल्ली (ए)। देश के अधिकांश राज्यों में मानसून एक्टिव हो गया है। महाराष्ट्र में कई जगह तेज बरसात से जलजमाव हो गया, तो बिहार और उत्तर प्रदेश के भी कई शहरों में बाढ़ जैसे हालत बन गए हैं। हालांकि उत्तराखंड में बारिश में थोड़ी कमी आई है। पहले के मुकाबले असम में भी हालात काबू हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने कई राज्यों में फिर तेज बारिश का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक केरल, गोवा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, एमपी, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के अलावा तमिलनाडु के कई क्षेत्रों में भारी बारिश देखने को हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून का डेढ़ माह निकल गया है। इस दौरान कई राज्यों में अच्छी बारिश हुई तो कुछ राज्यों में छिटपुट बारिश हुई। मानसून के लिहाज से जुलाई के शुरुआती दिन अच्छे रहे हैं। लेकिन उत्तर भारत से लेकर उत्तर पश्चिम भारत और पूर्वी भारत में कुछ दिन अब बारिश थम जाएगी। 17 जुलाई को पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू, हिमाचल प्रदेश में धूप निकलेगी और तापमान भी बढ़ेगा।

इधर, विज्ञान विभाग ने आने वाले पांच दिनों के दौरान पूर्वी राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर मिजोरम और त्रिपुरा में तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में आंधी और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के अनुसार 18 जुलाई तक देश के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक बारिश और कई राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने के लिए मिल सकता है।

अभी कुछ इस तरह है मौसम का सिस्टम
मानसून की अक्षय रेखा समुद्र तल से गंगानगर, हिसार, दिल्ली, बाराबंकी, देहरी, आसनसोल और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में जा रही है। जबकि मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर है, जो लगभग 70 डिग्री पूर्वी देशांतर के साथ अक्षांश 30 डिग्री उत्तर के उत्तर में बनी हुई है ।

उत्तरी गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में औसत समुद्र तल से 3.1 और 5.8 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण गुजरात तट से उत्तरी केरल तट तक एक गर्त बना हुआ है। झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर औसत समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। असम के मध्य भागों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button