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पुलिस की कार्यप्रणाली आम जनता एवं पीड़ित को समझ आए इसलिए उर्दू की जगह सरल हिंदी शब्दों का हो प्रयोग, गृहमंत्री ने अपर मुख्य सचिव को लिखा पत्र

रायपुर। उप-मुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्य प्रणाली में उर्दू, फारसी के शब्दों को हटाकर इनकी जगह सरल हिंदी शब्द जोड़ने के लिए राज्य के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अपनी लिखा-पढ़ी और बोलचाल में उर्दू, फारसी के शब्दों की जगह सरल हिंदी शब्दों का प्रयोग करे, ताकि आम जनता या पीड़ित को पुलिस की कार्यप्रणाली समझ आए।

गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा है कि 1896 के समय से पुलिस विभाग में प्रयोग में लाए जा रहे कई शब्द आम लोगों की समझ में नहीं आते, इसलिए इन्हें बदलना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के 24 साल बाद व्यापक जनहित यह अच्छी पहल होगी।
हमारे पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की पुलिस ने अब अपनी कार्य प्रणाली में उर्दू के शब्दों का प्रयोग नहीं करने का निर्णय लिया है। वहां पुलिस की लिखा-पढ़ी और बोलचाल की भाषा में उर्दू, फारसी और अन्य भाषाओं के 69 शब्दों का प्रयोग बंद करके इनकी जगह हिंदी के शब्दों का उपयोग किया जाने लगा है। यह अच्छा उदाहरण है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक की: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में गठित नई सरकार विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य की जनता को दी गई गारंटी को पूरा करने के लिए तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी विभागों के काम-काज में कसावट लाने का काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के काम-काज की गहन समीक्षा की।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के काम में तेजी लाई जाए। कार्ययोजना बनाकर इसे समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बड़े गांवों के व्यवस्थित विकास के लिए भी कार्ययोजना तैयार करें। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रत्येक सप्ताह ग्रामीण सचिवालय का आयोजन किया जाए। इसी प्रकार पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासी बहुल बसाहटों में मूलभूत सुविधाओं सहित सभी प्रमुख योजनाओं से जनजाति परिवारों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि की कमी नहीं होगी। सभी ग्राम पंचायतो में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये जा रहे हैं। इन्हें तेजी से पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना बनाएं। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, संयुक्त सचिव तारन प्रकाश सिन्हा, संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण रजत बंसल, संचालक पंचायत प्रियंका ऋषि महोबिया, मिशन संचालक राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन नम्रता जैन, मिशन संचालक, राज्य स्वच्छ भारत मिशन संजय चंदन त्रिपाठी समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्री शर्मा ने कहा कि कई पात्र हितग्राही जो आवास बनाने में सक्षम नही हैं उन्हें वालेंटियर्स के माध्यम से सपोर्ट दिया जाएगा। अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि कार्य करने वाले मेंशन की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता हो। जहां मेंशन नही है वहां स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मेंशन की ट्रेंनिंग की व्यवस्था की जाए। निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने वाले विक्रेताओं की सूची भी आवश्यकता पड़ने पर हितग्राहियों को उपलब्ध कराएं।

उहोंने कहा कि एक लॉट में स्वीकृत सभी आवासों का कार्य एक साथ शुरू हो और गृह प्रवेश भी एक साथ हो। आवास निर्माण के लिए हितग्राहियों को बैंकिग सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा कि जिन ग्रामो की दूरी बैंकिंग क्षेत्र से दूर है वँहा के हितग्राहियों को बैंक सखी, सीएससी और बैंक के मोबाइल बैंकिंग वैन के माध्यम से राशि आहरण करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

अधिकारियों ने बताया कि 1 दिसम्बर 2023 से अब तक 1 लाख 39 हजार आवास का निर्माण कार्य पूर्ण हुए, 62 हजार 577 का कार्य जारी है। उन्होंने कहा की प्रतिमाह औषत 23 हजार से अधिक घर बनाये जा रहे हैं। बैठक में उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 47 हजार 90 आवास का लक्ष्य रखा गया है जिनमे से 33 हजार 115 आवास का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है। इसी प्रकार नियद नेलानार योजना अंतर्गत 689 आवास स्वीकृत किये गए है जिनमे से 384 आवास का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत 20 हजार 279 आवास स्वीकृत किये गये हैं जिनमे से से 145 आवास को पूर्ण कराया जा चुका है।

प्रदेश के ग्राम पंचायतों में महिलाओं के लिए एक सुव्यस्थित महतारी सदन बनाया जाएगा। यह सदन सर्व सुविधायुक्त होगा। इस सदन में महिलाओं की विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। उप मुख्यमंत्री ने महतारी सदन की ड्राइंग डिजाइन का अनुमोदन करते हुए इसे तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। महतारी सदन का निर्माण लगभग 25 सौ वर्गफुट होगा, यहां बरामदा, एक बड़ाहाल, किचन और स्टोररूम शौचालय जैसी सुविधाएं रहेगी। पानी के लिए ट्यूबवेल के साथ वाटर हार्वेस्टिंग भी किया जाएगा। महिलाओं की सुरक्षा के लिए इसमे बॉउंड्रीवाल भी बनाये जाएंगे।

ग्राम पंचायतो में आने वाली समस्याओं, शिकायतो और प्रकरणों के निराकरण हेतु ग्राम पंचायत में प्रति सप्ताह और विकासखण्ड स्तर में 15 दिवस में 1 दिन ग्रामीण सचिवालय लगाने के निर्देश बैठक में दिए गए। अधिकारियों को इसकी मॉनिटरिंग के लिए पोर्टल बनाने के भी निर्देश दिए।

बड़े गांवों का योजनाबद्ध ढंग से विकास होगा। इसके लिए प्रथम चरण में 3 हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों का चयन किया जा रहा है। चयनित गांवों के विकास के लिए भारत सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों के शैक्षणिक भ्रमण हमर छत्तीसगढ़ योजना को पुनः प्रारम्भ करने के निर्देश दिये।

अमृत सरोवरों में गांव की सुविधा अनुसार पौधारोपण करने, पचरी बनाने और शौचालय बनाने के साथ ही मनरेगा अंतर्गत मानव दिवस सृजन हेतु रणनीति बनाने के भी निर्देश दिए। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत राज्य में कार्यरत बीसी सखियों, लखपति दीदी, लखपति दीदियों के प्रशिक्षण, स्व सहायता समूह की महिलाओं को न्यूनतम दर पर ऋण आदि कार्याे की समीक्षा की गई।

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