दुर्ग-भिलाईफीचर्ड

भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस–3 में कास्टर-4 का प्रभारी निदेशक ने किया उद्घाटन

भिलाई इस्पात संयंत्र के 7 मिलियन टन मोडेक्स परियोजना के आधुनिकीकरण और विस्तारीकरण के अंतिम चरण में एसएमएस-3 के कास्टर-4 के हॉट ट्रायल का शुभारंभ संयंत्र के निदेशक प्रभारी अनिर्बान दासगुप्ता द्वारा किया गया। कास्टर-4 को सामान्यतः एसएमएस-3 का सीवी-2 भी कहा जाता है।

इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) एवं अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) सुब्रत मुखोपाध्याय, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन) अजय कुमार चक्रबर्ती, कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) डॉ अशोक कुमार पंडा, मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (माइंस एवं रावघाट) समीर स्वरुप, कार्यकारी कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) तापस दासगुप्ता भी उपस्थित थे।

कार्यपालक निदेशक (परियोजनाएं) एवं अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) सुब्रत मुखोपाध्याय और मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएं) राजीव कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट्स स्टील जोन के लिए, टीम ने कड़ी मेहनत की है।

लैडल फर्नेस के लैडल को टरेट पर रखा जाता है। स्लाइड गेट्स के माध्यम से हॉट स्टील को टंडिश से प्रवाहित किया जाता है। तत्पश्चात् इस हॉट स्टील को बीम ब्लैंक्स के रूप में, अंतिम उत्पाद की ढलाई हेतु, टंडिश से मोल्ड में डाला जाता है। इनसे 12 मीटर लम्बाई वाले अंतिम उत्पाद (बीम ब्लैंक्स) तैयार किये जाते हैं। इन बीम ब्लैंक्स के आयाम 405 मिमी गुना 285 मिमी गुना 90 मिमी (405 x 285 x 90) के होते हैं।

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