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वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और कृतज्ञता व्यक्त करने तथा 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद करने का दिन : पीएम मोदी

राजस्थान के पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों की याद में भारत हर साल 11 मई को ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाता है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति करने में मदद करने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और अन्य लोगों को सलाम करना है। पहली बार ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ 11 मई 1999 को मनाया गया था…

 

नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देश के वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और आभार व्यक्त किया तथा 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद किया। पीएम मोदी ने विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी मानवता का उत्थान करेगी, हमारे राष्ट्र को सुरक्षित करेगी और भविष्य की वृद्धि को गति देगी।

पीएमओ के अनुसार, एक एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं! यह हमारे वैज्ञानिकों के प्रति गर्व और कृतज्ञता व्यक्त करने तथा 1998 के पोखरण परीक्षणों को याद करने का दिन है। वे हमारे राष्ट्र के विकास पथ में, विशेष रूप से आत्मनिर्भरता की दिशा में हमारी खोज में एक ऐतिहासिक घटना थी।”

उन्होंने एक्स पर आगे लिखा कि हमारे लोगों की बदौलत भारत प्रौद्योगिकी के विभिन्न पहलुओं में वैश्विक नेता के रूप में उभर रहा है, चाहे वह अंतरिक्ष हो, एआई हो, डिजिटल नवाचार हो, हरित प्रौद्योगिकी हो या और भी बहुत कुछ। हम विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से भावी पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। आशा है कि प्रौद्योगिकी मानवता का उत्थान करेगी, हमारे राष्ट्र को सुरक्षित करेगी और भविष्य की वृद्धि को गति देगी।

राजस्थान के पोखरण में हुए परमाणु परीक्षणों की याद में भारत हर साल 11 मई को ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाता है। इसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति करने में मदद करने वाले वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और अन्य लोगों को सलाम करना है। पहली बार ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ 11 मई 1999 को मनाया गया था।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’की बधाई दी है। उन्होंने एक्स पर कहा कि नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर भारत उन वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों को सलाम करता है, जो हमारे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए नई तकनीक विकसित करके योगदान देते हैं। हम अपने वैज्ञानिकों के असाधारण प्रयासों को गर्व से याद करते हैं, जिसके कारण 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण हुए। यह भारत के इतिहास में एक निर्णायक क्षण था।

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