दुर्ग। थाना मोहन नगर एवं थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में विगत कुछ समय से सूने मकानों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं। लगातार हो रही इन घटनाओं को दुर्ग पुलिस द्वारा अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। पुलिस टीमों द्वारा कई दिनों तक लगातार रात्रिकालीन पेट्रोलिंग, संवेदनशील क्षेत्रों में सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का गहन विश्लेषण, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की निगरानी तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर लगातार फील्ड वर्क किया गया।
दिनांक 10.07.2026 की रात्रि पुलिस टीम नियमित पेट्रोलिंग एवं नाकेबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। पुलिस द्वारा वाहन रोकने का संकेत देने पर चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, किन्तु पुलिस टीम ने तत्परता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया तथा उसमें सवार एक व्यक्तियों को अभिरक्षा में लिया गया।
वाहन की तलाशी लेने पर 02 एलईडी टीवी, 01 डीवीआर, सब्बल, पेचकस एवं स्क्रूड्राइवर बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, किंतु तकनीकी साक्ष्यों एवं लगातार पूछताछ के दौरान उन्होंने थाना मोहन नगर एवं थाना पद्मनाभपुर क्षेत्र में हुई चोरी की अनेक घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा ने बताया कि वह वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एम.आर.) के रूप में कार्य करता था तथा प्रतिमाह लगभग ₹60,000 से ₹70,000 तक आय अर्जित करता था। आरोपी के कथनानुसार बाद में उसने विभिन्न ऑनलाइन लोन एप्लीकेशनों से ऋण लिया। बढ़ते ब्याज एवं वित्तीय दायित्वों के कारण वह आर्थिक संकट में आ गया, जिसके बाद उसने चोरी की घटनाओं को अंजाम देना प्रारंभ किया। इस संबंध में आरोपी द्वारा दिए गए कथनों का परीक्षण विवेचना के दौरान किया जा रहा है।
पूछताछ में यह भी ज्ञात हुआ कि चोरी के अधिकांश सोने के आभूषणों को आरोपियों द्वारा विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उसके एवज में राशि प्राप्त की गई थी। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया अपनाकर संबंधित फाइनेंस कंपनियों से गिरवी रखे गए आभूषण बरामद किए गए।
प्रारंभिक विवेचना में आरोपियों द्वारा निम्न चोरी के प्रकरणों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की गई ।
– थाना मोहन नगर अपराध क्रमांक 383/2026, साकेत कॉलोनी।
– थाना पद्मनाभपुर अपराध क्रमांक 323/2026, मधुबन नगर, बोरसी।
– अपराध क्रमांक 377/2026, विराट नगर, बोरसी।
– अपराध क्रमांक 387/2026, मधुबन नगर, बोरसी।
– अपराध क्रमांक 407/2026, सुंदर नगर, बोरसी।
– अपराध क्रमांक 414/2026, मधुबन नगर, बोरसी।
– अपराध क्रमांक 415/2026, मधुबन नगर, बोरसी (चोरी का प्रयास)।
– अपराध क्रमांक 416/2026, जगदीश विहार, धनोरा।
मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा पूर्व में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में कार्य करता था। विभिन्न कॉलोनियों एवं आवासीय क्षेत्रों में नियमित आवागमन तथा तकनीकी कार्यों की जानकारी होने के कारण उसे मकानों की सुरक्षा व्यवस्था एवं रहवासी क्षेत्रों की अच्छी जानकारी थी। आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करता था। यह सुनिश्चित करने के बाद कि मकान में कोई मौजूद नहीं है, रात्रि के समय सब्बल, पेचकस एवं अन्य उपकरणों की सहायता से मकान में प्रवेश कर सोने-चांदी के आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक सामान एवं अन्य कीमती वस्तुओं की चोरी करता था।
चोरी किए गए सोने के आभूषणों को आरोपी विभिन्न फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रखकर उसके एवज में ऋण प्राप्त करता था तथा प्राप्त राशि का निवेश एवं व्यक्तिगत उपयोग करता था कुछ राशि अपने साथी के भी बैंक अकाउंट में भी ट्रांसफर किया है , जिससे चोरी के सामान का तत्काल संदेह नहीं हो सके। विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा मुथूट फाइनेंस (पावर हाउस), आईआईएफएल फाइनेंस (पावर हाउस), बजाज गोल्ड फाइनेंस (पावर हाउस) तथा मुथूट फाइनेंस (कुम्हारी) से वैधानिक प्रक्रिया के तहत गिरवी रखे गए आभूषण बरामद किए गए।
आरोपी का नाम
1. अनुराग मिश्रा, उम्र 41 वर्ष, निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल। (मुख्य आरोपी)
2. तुषार मिश्रा, उम्र 40 वर्ष, निवासी कैलाश नगर, भिलाई।(पैसे इसके खाते में आये है )
जप्त सामग्री
1. सोने के विभिन्न आभूषण (चेन, लॉकेट, स्टड, नोज रिंग, अंगूठी, चूड़ी आदि) कुल लगभग 168 ग्राम, अनुमानित कीमत ₹25,00,000/-।
2. चांदी की पायल एवं बिछिया कुल लगभग 150 ग्राम, अनुमानित कीमत ₹25,000/-।
3. 02 नग एलईडी टीवी।
4. 01 नग डीवीआर।
5. चोरी में प्रयुक्त सब्बल, पेचकस एवं स्क्रूड्राइवर।
6. 01 सफेद इंडिगो कार (अनुमानित कीमत ₹2,00,000/-)।
7. 01 फोर्ड इकोस्पोर्ट वाहन (अनुमानित कीमत ₹5,00,000/-)।
8. 01 एक्सेस स्कूटी (अनुमानित कीमत ₹50,000/-)।

















