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थाना प्रभारी और महिला आरक्षक को एसपी ने किया निलंबित, नाबालिग लड़की और उसके परिवार को रात को थाना में रखने का आरोप

एसपी के आदेश में महिला आरक्षक राजश्री सिंह को थाना प्रभारी से रक्षित केन्द्र संबद्ध किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही निलंबन अवधि के दौरान निरीक्षक अरूण नामदेव एवं महिला आरक्षक राजश्री सिंह को बिना सक्षम अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है…

 

 

राजनांदगांव। जिले के सोमनी थाना में नाबालिग बालिका के साथ कथित अभद्र व्यवहार और संवेदनहीनता के मामले में पुलिस अधीक्षक ने कड़ा रुख अपनाते हुए थाना प्रभारी एवं एक महिला आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मई 2026 को एक नाबालिग बालिका को उसके परिवार के साथ रात्रि के समय थाना सोमनी के संवेदना कक्ष में रखा गया था। इस दौरान महिला आरक्षक म.प्र.आर. 723 राजश्री सिंह द्वारा नाबालिग बालिका के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की शिकायत सामने आई। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच की गई।

प्राथमिक जांच में सामने आई असंवेदनशीलता एवं कर्तव्य के प्रति लापरवाही को गंभीर मानते हुए निरीक्षक अरूण कुमार नामदेव, तत्कालीन थाना प्रभारी सोमनी (वर्तमान में रक्षित केन्द्र राजनांदगांव) तथा महिला आरक्षक राजश्री सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

आदेश में महिला आरक्षक राजश्री सिंह को थाना सोमनी से रक्षित केन्द्र राजनांदगांव संबद्ध किए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। साथ ही निलंबन अवधि के दौरान निरीक्षक अरूण नामदेव एवं महिला आरक्षक राजश्री सिंह को बिना सक्षम अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध लगाया गया है।

निलंबन अवधि में दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों एवं संवेदनशील मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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