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प्रलोभन देकर मानव तस्करी, नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण का खुलासा, रेड कार्यवाही में 1.48 करोड़ रुपए के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

वृहद स्तर पर अवैध रूप से संचालित मानव तस्करी के पूरे सिंडिकेट पर महासमुंद पुलिस का सर्जिकल स्ट्राइक, कार्यवाही में नुआपाड़ा पुलिस का सक्रिय सहयोग…छत्तीसगढ़ से तस्करी कर भेजे गए नाबालिक के शारीरिक शोषण और गर्भवती होने के अस्पताल मेमो के बाद जांच हुई शुरू पूरे सिंडिकेट का हुआ खुलासा…प्रलोभन देकर मानव तस्करी, नाबालिगों की तस्करी, बाल मज़दूरी और नाबालिग बालिकाओं के दैहिक शोषण का मामला…इस संगठित सिंडिकेट के ओडिसा और छत्तीसगढ में फैले 10 ठिकानों पर रेड, ₹1,48,54,750 नगद जब्त…भारी मात्रा में महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त, मजदूर पलायन रजिस्टर/डायरी, विभिन्न मोबाइल, बैंक पासबुक, चेकबुक एवं एटीएम कार्ड बरामद किए गए…बरामद दस्तावेजों के अवलोकन में हजारों की संख्या में बालिग एवं नाबालिग मजदूरों के अवैध परिवहन और बंधुआ मजदूरी के मिले ठोस डिजिटल और कागजी सबूत…सिंडिकेट के पांच मुख्य तस्कर मुकेश चंद्राकर, लता सबर, नंदू मोहंती, पीयूष अग्रवाल और मनीष गुप्ता गिरफ्तार, उनके ठिकानों से मिले रजिस्टर और कागजात के अनुसार प्रत्येक तस्कर के द्वारा प्रति वर्ष बिना सरकारी अनुमति और वैध कागजात के 2000 से 5000 बंधुआ मजदूरों को अपंजीकृत ईट भट्टों में विभिन्न राज्यों में छः महीना तक रखकर बंधुआ मजदूरी करवाई गयी….अग्रिम ऋण देने के साथ-साथ, डर और दबाव का इस्तेमाल कर महिलाओं और नाबालिक बच्चों की भी, की गई तस्करी करवाया गया बाल मजदूरी…

 

महासमुंद। दिनांक 21.09.2026 को आदित्य हॉस्पिटल एवं मैटरनिटी होम की डॉ. ज्योति कलिकोटी द्वारा हस्ताक्षरित एक अस्पताली मेमो प्राप्त हुआ। तस्‍दीक पर पीड़िता एवं उसके परिवार के सदस्य भाई लुकेश पटेल पिता स्व. वेदराम उम्र 19 निवासी लोहारगांव थाना खल्लारी जिला महासमुंद के कथन एवं प्रारंभिक जांच से एक सुनियोजित मानव तस्करी तथा बंधुआ मजदूरी के रैकेट का मामला प्रकाश में आया है। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इस पूरे संगठित आपराधिक गिरोह का मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड ठेकेदार मुकेश चंद्राकर (बेलटुकरी, उड़ीसा) है, जो महासमुंद और इसके सीमावर्ती क्षेत्रों में दलालों का एक बड़ा नेटवर्क संचालित करता है।

मुख्य आरोपी मुकेश चंद्राकर के अधीन लता सबर, जगत गुप्ता (खरीयार रोड), नंदु महंती (पिथौरा) और पीयूष कुमार (पिथौरा) जैसे लोग काम करते हैं। मुख्य आरोपी मुकेश चंद्राकर जानबूझकर क्षेत्र के बेहद गरीब, असहाय और आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों को अपना शिकार बनाता है। जनवरी 2026 में, आरोपी मुकेश चंद्राकर ने अपनी सुनियोजित साजिश के तहत पीड़िता के परिवार को 40,000 रुपये का एडवांस देकर एक ऋण-जाल में फंसा लिया। इस आर्थिक दबाव का अनुचित लाभ उठाते हुए, मुकेश चंद्राकर ने पूरे परिवार को डरा-धमकाकर बंधुआ मजदूर बना लिया और अपने सीधे आर्थिक मुनाफे के लिए उन्हें राज्य के बाहर, अंशुमान सिंह (सिंह ब्रिक्स) के ईट भट्ठे (हाजीपुर मवई, चौकी बिलावलपुर, थाना असनदरा, जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश) में भेज दिया।

भट्ठे पर पहुंचते ही आरोपी मुकेश चंद्राकर के इशारे और भट्ठा प्रबंधन की मिलीभगत से परिवार को अत्यंत अमानवीय, क्रूर और दयनीय परिस्थितियों में रखा गया। उनकी स्वतंत्रता पूरी तरह से छीन ली गई, उन्हें भट्ठे की सीमा से बाहर जाने, किसी बाहरी व्यक्ति से संपर्क करने या वापस अपने गांव लौटने की सख्त मनाही थी। मुख्य आरोपी मुकेश चंद्राकर के मुंशी और ठेकेदारों द्वारा पूरे परिवार पर लगातार मनोवैज्ञानिक और शारीरिक दबाव बनाकर प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 12 बजे तक (लगातार 13 घंटे) बिना पर्याप्त विश्राम और उचित मजदूरी के मेहनत कराई जाती थी। इस संगठित शोषण में 15 वर्षीय नाबालिग पीड़िता को भी नहीं बख्शा गया।

मज़दूरी के दौरान लुकेश के नाना अनार सिंह की तबियत खराब होने पर जब लुकेश ने मुकेश चंद्राकर से वापस घर जाने का आग्रह किया, तब मुकेश चंद्राकर ने इस अमानवीय शर्त पर लुकेश को घर भेजने की सहमति दी कि जितनी अवधि के लिए लुकेश घर जाएगा, उस अवधि में उसकी नाबालिग बहन को मजदूरी करनी पड़ेगी। आरोपी मुकेश चंद्राकर द्वारा रची गई इस दासता के कारण, उस नाबालिग से भी भट्ठे के अत्यंत कठोर वातावरण में, उसकी उम्र और शारीरिक क्षमता के विपरीत, डरा-धमकाकर जबरन बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी कराई गई। कर्ज न चुका पाने का भय दिखाकर मुकेश चंद्राकर ने उन्हें एक प्रकार से गुलाम बनाकर रखा, जिसने पूरे परिवार और विशेषकर नाबालिग पीड़िता का घोर शारीरिक और मानसिक शोषण किया।

इसी बंधुआ मजदूरी के दौरान भट्ठे के जेसीबी चालक अनूप कुमार ने पीड़िता का शारीरिक शोषण किया। कथनों के आधार पर, मुख्य आरोपी मुकेश चंद्राकर एवं उसके द्वारा संचालित गिरोह के अन्य सदस्यों (लता सबर, जगत गुप्ता, नंदु महंती, पीयूष कुमार) द्वारा संगठित रूप से छल-कपट, ऋण-बंधन और डरा-धमकाकर मानव तस्करी करने तथा अमानवीय बंधुआ व बाल मजदूरी कराने का संज्ञेय अपराध घटित होना पाए जाने पर मुख्य आरोपी मुकेश चंद्राकर एवं अन्य के विरुद्ध थाना खल्लारी में प्रथम सूचना रिपोर्ट क्रमांक 104/2026 बीएनएस की धारा 143(2), 143(3), 143(4), 3(5) के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है ।

प्रकरण में आरोपी की पतासाजी व उनके रिहायशी/ व्यवसायिक ठिकानो में सर्च/रेड कार्यवाही के लिए वरिष्ठ अधिकारियो के निर्देशन पर पुलिस की अलग-अलग टीम बनाकर सभी आरोपियो के रिहायशी/व्यवसायिक ठिकानो पर सर्च/रेड कार्यवाही किया गया। आरोपी 01. मुकेश चंद्राकर पिता सोनू राम चंद्राकर उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम बेलटुकरी थाना बेलटुकरी जिला नुआपाड़ा (ओड़िसा) 02. नसीम बानो उर्फ लता सबर पति (संतोष अहिर) युसुफ खान उम्र 55 वर्ष निवासी पाल रेस्टोरेन्ट के पास खरियार रोड थाना जोंक जिला नुआपाड़ा (ओड़िसा) 03. मनीष गुप्ता पिता गुप्ता जगत गुप्ता उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम पटपरपाली बाम्हनडीह थाना कोमाखान जिला महासमुंद (छ.ग.) 04. नंदकुमार मोहंती (नंदू) पिता रूसिया मोहंती उम्र 52 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 12 बारचौक थाना पिथौरा जिला महासमुंद (छ.ग.) 05. पियुष अग्रवाल पिता लक्ष्मीनारायण अग्रवाल उर्फ फुन्नु सेठ उम्र 37 वर्ष निवासी लहरौद थाना पिथौरा जिला महासमुंद (छ.ग.) से 1. नगदी रकम 01 करोड़, 48 लाख, 54 हजार, 750 रूपये। 2. मजदूर पलायन संबंधी रजिस्टर/डायरी। 3. विभिन्न कंपनियो का अलग-अलग मोबाईल । 4. बैंक पासबुक, चेक बुक, ATM कार्ड को जप्त किया गया । आरोपीगणो का कृत्य अपराध धारा का घटित करना पाये जाने से गिरफ्तार किया गया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय पेश किया जाएगा ।

गिरफ्तारी आरोपी:-
01- मुकेश चंद्राकर पिता सोनू राम चंद्राकर उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम बेलटुकरी थाना बेलटुकरी जिला नुआपाड़ा (ओड़िसा)
02- नसीम बानो उर्फ लता सबर पति (संतोष अहिर) युसुफ खान उम्र 55 वर्ष निवासी पाल रेस्टोरेन्ट के पास खरियाररोड थाना जोंक जिला नुआपाड़ा (ओड़िसा)
03- मनीष गुप्ता पिता जगत गुप्ता उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम पटपरपाली बाम्हनडीह थाना कोमाखान जिला महासमुंद (छ.ग.)
04- नंदकुमार मोहंती (नंदू) पिता रूसिया मोहंती उम्र 52 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 12 बारचौक थाना पिथौरा जिला महासमुंद (छ.ग.)
05- पियुष अग्रवाल पिता लक्ष्मीनारायण अग्रवाल उर्फ फुन्नु सेठ उम्र 37 वर्ष निवासी लहरौद थाना पिथौरा जिला महासमुंद (छ.ग.)

जप्त संपत्ति:-
01- नगदी रकम 01 करोड़, 48 लाख, 54 हजार, 750 रूपये।
02- मजदूर पलायन संबंधी विभिन्न रजिस्टर/डायरी।
03- विभिन्न कंपनियो का अलग-अलग मोबाईल।
04- बैंक पासबुक, चेक बुक, ATM कार्ड।
05- मोर्टगेज स्टांप दस्तावेज।
06- नोट गिनने की मशीन।

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